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गेयटी में होगा कुल राजीव पंत के कविता संग्रह – ‘पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती‘ का विमोचन

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शिमला (16 जुलाई)
: प्रदेश के वरिष्ठ कवि कुल राजीव पंत के पहले कविता संग्रह “पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती” का विमोचन समारोह आगामी रविवार 21 जुलाई 2024 को शिमला के गेयटी कॉन्फ्रेंस हॉल में अपराह्न 2:30 पर आयोजित होगा। गेयटी में होगा कुल राजीव पंत के कविता संग्रह – ‘पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती‘ का विमोचन लोकार्पण समारोह शिमला की सुपरिचित साहित्यिक संस्था कीकली ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी और वरिष्ठ लेखक श्रीयुत श्रीनिवास जोशी इस लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करेंगे जबकि वरिष्ठ कवि /आलोचक प्रो. कुमार कृष्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। लोकार्पित की जा रही पुस्तक पर सुपरिचित साहित्यकार प्रो. मीनाक्षी एफ. पॉल, डॉ. विद्यानिधि छाबड़ा और आत्मा रंजन मुख्य वक्ता के रूप में अपने वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। हि.प्र. विश्वविद्यालय से पुस्तकालयाध्यक्ष पद से सेवानिवृत कुल राजीव पंत करीब चार दशकों से कविता लेखन में सक्रिय रहे हैं। विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र–पत्रिकाओं में इनकी कविताएं प्रकाशित होती रही हैं। लेकिन पुस्तक रूप में यह उनकी पहली कृति है। यह कविता संग्रह प्रकाशन संस्थान दिल्ली से प्रकाशित हुआ है। कीकली अध्यक्ष ने बताया कि बच्चों की लिखने, पढ़ने, अभिनय आदि की रुचि और प्रतिभा को विकसित करने और उसे पुस्तक रूप में प्रकाशित करने, बाल साहित्योत्सवों और नाट्योत्सवों के लगातार आयोजनों के साथ कीकली वरिष्ठ लेखकों की रचनाओं को भी संकलित प्रकाशित करती रही है। पिछले कुछ समय से कुछ बहुत अच्छी पुस्तकें भी हमारे मंच से लोकार्पित हुई हैं जो आज साहित्य जगत में चर्चित हैं। इनमें रेखा वशिष्ठ की “गुमशुदा”, आत्मा रंजन की “जीने के लिए ज़मीन”, विद्यानिधि की “बदला मौसम बदल गए हम”, रामगोपाल वर्मा की “दूसरी औरत” गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय की “गंतव्य”, मीनाक्षी चौधरी की “शिमला इन्वेस्टिगेटर सीरीज”, लालित्य ललित की “चुनिंदा व्यंग्य”, जगदीश शर्मा की “मां और द्वंद्व” जैसी अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं। इसी क्रम में कुल राजीव पंत का कविता संग्रह “पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती” भी एक महत्वपूर्ण कृति है। जिसका पाठक अवश्य ही स्वागत करेंगे।
Deepika Sharma

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