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घर खरीददारों को समयबद्ध राहत प्रदान

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हिमाचल सरकार के मुताबिक रियल एस्टेट क्षेत्र को विनियमित करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) अपनी स्थापना के डेढ़ वर्षों के भीतर निष्पादन याचिकाओं का निपटान करने में देश के सभी रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों में दूसरे स्थान पर है। पिछले डेढ़ वर्षों से कोविड महामारी के संकट काल के वाबजूद प्राधिकरण पूर्णतः कार्यशील है। प्राधिकरण द्वारा मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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  प्राधिकरण ने आनलाइन सुनवाई करके बड़ी संख्या में मामलों के निर्णय लिए हैं। इससे पक्षकारों को सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से प्राधिकरण कार्यालय में नहीं आना पड़ता है। शिकायतों की सुनवाई वेबैक्स के माध्यम से की जा रही है। आज तक वेबैक्स के माध्यम से 260 से अधिक सुनवाई की जा चुकी हैं, जिससे हितधारकों के लिए कोविड महामारी के दौरान अपने घर या कार्यालय से मामलों को आगे बढ़ाना आसान हो गया है। इन मामलों में आवास आवंटियों को 6 करोड़ 55 लाख रुपये वापिस करने के आदेश दिए गए हैं। इस राशि में से लगभग 76 लाख रुपये की राशि प्रमोटरों एवं बिल्डरों से पहले ही वसूल कर आवंटियों के बैंक खातों में जमा कर दी गई है।

 

    हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण द्वारा भूखण्डों, अपार्टमेंट या भवनों की बिक्री के मामलों में घर के खरीददार के हितों के संरक्षण के लिए कुशल एवं पारदर्शी तरीके से कार्य किया जाता है। बहुत ही कम समयावधि के दौरान 38 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं और 52 एजेंटों को प्राधिकरण के साथ पंजीकृत किया गया है। इसके साथ-साथ प्राधिकरण ने पक्षों के बीच शिकायतों के मामलों को सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए महत्वाकांक्षी पहल की है। इसके परिणामस्वरूप आवंटियों को 52 लाख रुपये वापिस कर दिए गए हैं। रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लघंन के लिए बिल्डरों एवं प्रमोटरों पर रिफंड के अलावा 2 करोड़ 27 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया। अभी तक आवंटियों द्वारा 14 निष्पादन याचिकाएं दायर की गई हैं और 9 निष्पादन याचिकाएं स्वतः संज्ञान से दर्ज की गई हैं। बिल्डरों और प्रमोटरों से कुल 35 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूल किया गया।

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     प्राधिकरण ने विनियमन संख्या 2,4 और 5 त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट आॅनलाइन दाखिल करने के लिए तैयार की हैं। ये त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण के वेब पोर्टल (सार्वजनिक डोमेन) पर उपलब्ध हैं, इससे विभिन्न हितधारकों के मध्य पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। आवंटी, घर खरीददार इन त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से भूखण्डों (प्लाटों), घरों और अपार्टमेंट के निर्माण एवं विकास कार्य की प्रगति स्वतः आसानी से देख सकते हैं। वेबएक्स बैठकों के माध्यम से प्रवर्तकों को त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट व वार्षिक प्रगति रिपोर्ट भरने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

 

     रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण की नई वेबसाइट एनआईसी के माध्यम से विकास की प्रक्रिया में है। इसमें हिमाचल प्रदेश में सभी एस्टेट परियोजनाओं और एजेंटों के आॅनलाइन पंजीकरण, शिकायत दर्ज करने, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट व वार्षिक प्रगति रिपोर्ट और पूर्व पंजीकरण सुविधाओं के लिए चार माॅडयूल की सुविधा होगी। यह सभी हितधारकों यानी प्रमोटरों, एजेंटों और आवंटियों की मदद करने के लिए एक सरल पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित वेबसाइट होगी। 

 

वैबसाइट में पूर्व पंजीकरण की सुविधा का प्रावधान भी किया जाएगा। यह सुविधा प्राप्त होने से प्रमोटरों व बिल्डरों को विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमोदन शीघ्र प्राप्त करने में मदद मिलेगी और हिमाचल प्रदेश रेरा इसकी नियमित रूप से निगरानी एवं समय-समय पर अद्यतन (अपडेट) करने के साथ-साथ सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर वांछित अनुमोदन शीघ्र प्रदान करवाने में सहयोग भी करेगा।

 

     रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण न केवल उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण, बल्कि रियल एस्टेट को विनियमित कर पारदर्शी कार्य प्रणाली भी सुनिश्चित कर रहा है।

Deepika Sharma

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