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नवीन प्रौद्योगिकी आधारित पाठ्यक्रमों से उपलब्ध होंगे युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसरः मुख्यमंत्रीे

कृत्रिम मेधा व डाटा साईंस सहित विभिन्न विषयों में बढ़ रही युवाओं की रूचि

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  • राजकीय तकनीकी संस्थानों में आधुनिक पाठ्यक्रमों के प्रति छात्रों की बढ़ती रूचि से व्यवस्था परिवर्तन की भावना से कार्य कर रही प्रदेश सरकार के प्रयास रंग लाने लगे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि बिलासपुर जिला में स्थित राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बांदला में इस वर्ष बीटेक कार्यक्रम में कम्प्यूटर साईंस एवं इंजीनियरिंग (कृत्रिम मेधा व डाटा साईंस) नया पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अकादमिक सत्र वर्ष 2023-24 के लिए पहली बार शुरू किये गये इस पाठ्यक्रम में मेरिट आधार पर 76 सीटें भरी जा चुकी हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में उभरती हुई प्रौद्योगिकी युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाती है और इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य के तकनीकी संस्थानों में नई पीढ़ी के पाठ्यक्रम शुरू करने को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, रोहड़ू एवं चम्बा में कम्प्यूटर इंजीनियरिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्ज़ व मैकेट्रॉनिक्स के विशिष्ट पाठ्यक्रम आरम्भ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 17 राजकीय औद्योगिक तकनीकी संस्थानों में इसी अकादमिक सत्र से औद्योगिक क्षेत्र की मांग के अनुरूप इलेक्ट्रिक व्हीकल मकैनिक, तकनीकी मैकेट्रॉनिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्ज़ सहित नई पीढ़ी के अन्य पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है तथा प्रशिक्षु इसमें गहन रूचि दर्शा रहे हैं।
    ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इन नए मूल्यवर्द्धित पाठ्यक्रमों को आरम्भ करने का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और इसे रोजगारपरक बनाना है। उन्होंने कहा कि इससे औद्योगिक इकाइयों को राज्य में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उन्नत प्रौद्योगिकी के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने और युवाओं कोे रोजगार के प्रचुुर अवसर उपलब्ध करवाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।
Deepika Sharma

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