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प्राप्त ऋण आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करे बैंक : आदित्य नेगी

वित्त वर्ष 2022-23 में ऋण वितरण के तहत लक्ष्य से 130 प्रतिशत की प्राप्ति: उपायुक्त

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उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां बचत भवन शिमला में जिला सलाहकार एवं समन्वय समिति तथा जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया।

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बैठक में बैंकों द्वारा क्रियान्वित की जा रही गरीबी उन्मूलन योजनाओं के अन्तर्गत हुई प्रगति तथा वार्षिक ऋण योजना 2022-23 के अंतर्गत मार्च 2023 तक के लक्ष्यों तथा उपलब्धियों की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने बताया कि जिला शिमला में ऋण वितरण में बैंकों का वार्षिक लक्ष्य 6929.71 करोड़ रुपये था जो वर्ष के अंत तक बैंकों ने 9030.99 करोड़ रुपये के ऋण वितरण करके 130.32 प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति की है।

उन्होंने बताया कि जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में मार्च 2023 के अंत तक प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में बैंकों ने 86.20 प्रतिशत की दर से तथा गैर प्राथमिकता क्षेत्र में 495.38 प्रतिशत की दर से लक्ष्यों की प्राप्ति की है। उन्होंने बैंकों से आशा जताई कि वह जिला के आर्थिक विकास में अपने दायित्वों को समझते हुए अधिक से अधिक ऋण प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों को देंगे व लोगों के आर्थिक स्तर को सुधारने में सहयोग करेंगे।

उन्होंने बताया कि जिला में वित्तीय वर्ष 2022-23 में मार्च 2023 के अंत तक कृषि क्षेत्र में 2502.24 करोड़ रुपये, सूक्ष्म, मध्यम व लघु उद्यमों में 1890.19 करोड़ रुपये तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्र में 936.57 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। जिला के बैंकों ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत लगातार वृद्धि दर्ज की है तथा वित्तीय वर्ष मार्च 2023 के अंत तक कुल 92602 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं जिसमे से 5981 पशुपालन के लिए जारी किए गए। उन्होंने जिला में कार्यरत सभी बैंक शाखाओं को निर्देश दिए कि वे शेष बचे किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें।

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उन्होंने बताया कि जिले में मार्च 2023 के अंत तक पीएम स्वनिधि में 76.30 लाख के ऋण, 66.78 करोड़ रुपए के शिक्षा ऋण और 232.12 करोड़ के मुद्रा ऋण वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 416 स्वयं सहायता समूहों को ऋण योजनाओं से जोड़ा गया।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, क्षेत्र विकास योजना, मत्स्य पालन, शिक्षा, आवास योजना, पीएमईजीपी, मुद्रा आदि की योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करें और निर्धारित समय में उनका निपटान करें। इसके साथ-साथ अधिक से अधिक जन के खाते खोले जाएं तथा सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं में सभी को पंजीकृत किया जाएँ ।

वर्तमान समय में जिन युवाओं के बैंक में खाते नहीं है उनके लिए बैंक विशेष अभियान आयोजित कर सभी के खाते खोलें और अभियानों के माध्यम से उन्हें जागरूक करते हुए बैंक द्वारा दी जा रही बचत एवं ऋण सुविधाओं से अवगत करवाएँ।

उन्होंने कहा कि बैंक यह भी सुनिश्चित करें कि लोगों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा हो।

अग्रणी जिला प्रबंधक शिमला, भीमा दत्ता ने बैठक का संचालन किया ।

इस अवसर पर आशीष शर्मा एलडीओ भारतीय रिज़र्व बैंक शिमला, तुषार जैन डीडीएम- नाबार्ड, योगेश गुप्ता महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र शिमला, सुभाष कुमार मुख्य प्रबंधक यूको बैंक, तान्या शर्मा निदेशक यूको आरसेटी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

Deepika Sharma

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