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बड़ी खबर: राहत: आधी हुई पेन डाउन स्ट्राइक की अवधि

डॉक्टर्स के साथ बैठक में बड़ा निर्णय

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हिमाचल प्रदेश चिकित्सक संघ संयुक्त संघर्ष समिति (जिसमें प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के शिक्षक चिकित्सक संघ, हिमाचल प्रदेश चिकित्सक संघ एवं सभी रेजिडेंट डॉक्टर संघ सम्मिलित है) की तत्कालीन बैठक का आयोजन दिनांक 31 मई 2023 को प्रातः किया गया। इस संदर्भ में संयुक्त संघर्ष  समिति के सदस्यों को  मुख्यमंत्री के आह्वान पर  हर्षवर्धन चौहान  इंडस्ट्रीज,पार्लियामेंट्री अफेयर्स एवं आयुष मंत्रालय से 30 मई सायंकाल आयोजित की गई । मंत्री से उनकी वार्ता अच्छी रही ।

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वार्ता के बाद संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें सर्वसम्मति से पेन डाउन स्ट्राइक की अवधि को आधा करने का निर्णय लिया। मंत्री  ने संघर्षस मिति को आश्वासन दिया है कि उनकी वार्ता माननीय मुख्यमंत्री महोदय से 3 जून को की जाएगी इसके बाद की रणनीति वार्ता के बाद बनाई जाएगी। बैठक में प्रदेश के सभी चिकित्सक वर्ग की मांगों को रखा।संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार से आग्रह किया है कि हाल ही में निकाली गई अधिसूचनाओं को तत्काल वापस लेना/संशोधन करने हेतु शीघ्र कार्रवाई करें। ये अधिसूचनाएं, दिनांक 24-05-2023 राज्य में नवनियुक्त चिकित्सकों को एनपीए बंद करने के संबंध में | दिनांक 25-04-2023 चिकित्सा महाविद्यालयों में प्राचार्यों, अपर / संयुक्त निदेशकों, चिकित्सा अधीक्षकों आदि को कार्य एवं उत्तरदायित्व  सौंपे जाने के संबंध में,दिनांक 04-05-2023 राज्य चिकित्सा निगम की स्थापना के संबंध में क्योंकि इसमें किसी चिकित्सक का प्रतिनिधित्व नहीं है तथा दिनांक 24-02-2023 कैडर वृद्धि की समिति को एचएमओए के प्रतिनिधियों के साथ इसे पुनर्गठित किए बिना समिति को हटाने के संबंध में।चिकित्सकों के पास बहुत कम प्रमोशनल पोस्ट हैं जिसके लिए हमें टाइम स्केल 4-9-14 दिया जाता रहा है लेकिन इस वेतन आयोग की अधिसूचना में चिकित्सकों का 4-9-14 टाइम स्केल भी बंद कर दिया गया है। कई सालों से हमारे मेडिकल ऑफिसर बीएमओ पोस्ट की तरक्की के लिए इंतजार कर रहे हैं  लेकिन कई सालों से कोई भी नियमित पदोन्नति विभाग में नहीं की गई है। ऐसे में यह जो टाइम स्केल हैयह हमारे चिकित्सकों के लिए आशा की किरण बनी रहती है और सांत्वना बनी रहती है कि अगर पदोन्नति नहीं मिली तो कम से कम टाइम स्केल का फायदा तो हमें मिल ही गया। इसलिए चिकित्सकों  का टाइम स्केल 4-9-14 को जारी रखा जाना चाहिए।डायनामिक एश्योर्ड कर्रिएर प्रोग्रेशन स्कीम के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी एवं  सीनियर रेसिडेंट्स / ट्यूटर स्पेशलिस्ट के पदों को एक निरंतर प्रक्रिया के तहत भरा जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों को लम्बा इंतज़ार न करना पड़े। सहायक प्रोफेसर के पद पर ही सीधी भर्ती हो उसके बाद केवल पदोनति से सह- प्राध्यापक एवं प्राध्यापक के पद भरे जाएँ। संघ मांग करता है कि सहायक प्राध्यापक से  प्राध्यापक की पदोनत्ति डायनामिक एश्योर्ड कर्रिएर प्रोग्रेशन स्कीम के तहत की जाए – एक निर्धारित समयकाल के बाद पदोनत्ति सुनिश्चित हो चाहे रिक्त पद हों या न हों। इससे चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा, उन्हें पलायन का ख्याल नहीं आएगा एवं जनता को अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं मिलती रहेंगी। राज्य के  चिकित्सा स्नातकों के लिए पीजी भत्ता पंजाब सरकार की तरह वेतन में संलगित करवाने हेतु और मेडिकल  कॉलेज में शैक्षणिक भते में वृद्धि पंजाब की तर्ज पर हो ।स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य निदेशक, ज्वाइंट डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर और खंड चिकित्सा अधिकारी  के पदों पर शीघ्र डीपीसी के द्वारा भरें जाए। इन पदों को भरने से नए चिकित्सकों को भी नौकरियां मिलेंगी।राज्य में चिकित्सा अधिकारियों की पदों में वृद्धि (2800 से 7000) इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स और वर्ल्ड  हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की गाइडलाइंस के अनुरूप हो, ताकि प्रवेश की जनता को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो साथ ही नए चिकित्सकों को रोजगार भी उपलब्ध हो । हिमाचल के समकक्ष पड़ोसी पहाड़ी राज्य उत्तराखंड 4,500 पद चिकित्सकों के स्वीकृत हैं।

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नए खोले गए मेडिकल कॉलेज में आईजीएमसी के समतुल्य फैकल्टी और सीनियर रेजिडेंट के पदों का  सृजन किया जाए। किन पदों की स्वीकृति कम से कम 150 एमबीबीएस सीटों के अनुसार एनएमसी के  दिशानिर्देश के अनुसार की जाय क्योंकि मौजूदा कैडर के की संख्या 100 सीटों से बढ़ाकर 120 कर दी गई है।राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों को डीपीसी की चल रही प्रक्रिया के माध्यम से नए एनएमसी के शिक्षण फैकल्टी के लिए पात्रता मानदंड की समय सीमा के भीतर शीघ्र भरी जाए ताकि इन कॉलेजों की मान्यता पर आंच ना आए। एनएमसी निरीक्षणों के लिए फैकल्टी और सीनियर रेजिडेंट्स की प्रतिनियुक्ति। (डेपुटेशन) की व्यवस्था को समाप्त करना क्योंकि यह एनएमसी के कार्यालय आदेश दिनांक 28.04.2023 के विरुद्ध है।

इन्हीं सब मांगों को लेकर संघ  मुख्यमंत्री महोदय से 3 जून को मिलेगा और संघ को आशा है कि डॉक्टर्स की  मांगों का निवारण करेंगे।

Deepika Sharma

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