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ये उठी आवाज़ 

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एस आर रिपोर्ट में बल्ह एअरपोर्ट में पुनार्निबासन एवं पुनर्स्थापना का कोई व्योरा नहीं हे कि कंहा बसाया जायेगा, किस तरह की जमीन व् रोजगार दिया जायेगा, इसलिए रिपोर्ट हमें मंजूर नहीं I

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आज दिनाक 28 मार्च को बल्ह एअरपोर्ट के बारे में उपमंडल अधिकारी बल्ह की अध्यक्षता में सियांह एवं टाब्ना मुहाल के किसानो की अंतिम बैठक आयोजित की गई जिसमे वेप्कोस कंपनी, एवं एस आर इंडिया के एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे, ग्राम सियांह मुहाल की तरफ से नन्दलाल वर्मा ने कहा कि हमारी जमीन बहुत ही उपजाऊ हे और इस एअरपोर्ट को बंजर भूमि पर बनाया जाये और जंहा भी बने उन्हें उचित मुआबजा दिया जाये I

जोगिन्दर वालिया ने पूछा कि इस एस आर रिपोर्ट में पुनार्निबासन एवं पुनर्स्थापना जिसमे हमें कहा बसाया जायेगा, किस तरह की जमीन दी जाएगी हमारे रोजगार का क्या होगा कोई जीकर नहीं हे केवल रिपोर्ट में भूमिअधिग्रहण कानून 2013 के तहत सर्कल रेट के अनुसार मुआबजा मिलेगा, यानी 2.05 बीघा से 11 लाख पर बीघा ही मुआबजा मिलेगा, दूसरी तरफ मेरी जमीन सियांह ब डाबन मुहाल से लगती हे और नहर बनने से भूमि का अधिग्रहण करना पड़ेगा, क्या उसका रेट हमारे मुहाल भौर के रेट से मिलेगा जो की 1 करोड़ 54 लाख बीघा हे अगर दिया जायेगा तो एक परियोजना एक रेट के अनुसार पुरे 7 गांवों को भी यही रेट मिलेगा रिपोर्ट में कोई जिक्र नहीं हे दूसरी तरफ एअरपोर्ट के चारों और जल भराव होगा और हमारे दुसरे खेत भी खत्म हो जायेंगे और आस पास की जमीन बर्वाद हो जाएगी में कोई हबाला नहीं हे , प्रसताबित एरिया के किसानो के लिए जैसी सुभिधा बल्ह (शिक्षा, सवास्थ्य, बिजली, सिंचाई, पिने का पानी में प्राप्त हे क्या विस्थापन के बाद मिल पायेगी, जिस पर रिपोर्ट चुप हे अत: हम मांग करते हे एअरपोर्ट को कंही दूसरी जगह बनाया जाये

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टाब्ना से पूरणचंद का कहना था की बल्ह में आज हर तरह की सहुलियते उपलब्ध हे और इस तरह से दूसरी जगह पर नहीं मिलेगी इसलिए हम अपनी जमीन नहीं देंगे और कैप्टन प्रेमदास चौधरी ने साफ तरह से कहा कि हम अपनी जमीन नहीं देंगे इसलिए दूसरी जगह बनाये तो अच्छी बात होगी I श्रीमति नागरू देवी वालिया ने कहा की हम अपने गाँव को छोड़ कर कंहा जायेंगे और ऐसी भूमि कंहा मिलेगी यह हमारी जन्म भूमि हे और हम जमीन नहीं देंगे

टैक्सी चालक परमा राम जो मनाली में टैक्सी चलाता हे का कहना था की भुन्तर एअरपोर्ट में सुबह एक फ्लाइट आती हे जिसमे 12-15 लोग पहुँचते हे जबकि बाँह पर 600 के लगभग टैक्सीया हे और होटल से सीधी कार आती हे और मुसाफिर को ले जाती हे उन टैक्सी बालो को कोई नहीं मिलता इसलिए ऐसा मानना कि रोजगार मिलेगा यह एक छ्लाबा मात्र हे इसलिए हम अपनी जमीन किसी हालत में नहीं देंगे, हमारी जमीन को बचाया जाये और एअरपोर्ट को दूसरी जगह बनाया जाये

Deepika Sharma

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