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खास खबर: एक और देह, देहदान के लिए लाई गई आईजीएमसी

398 लोग देहदान के लिए भर चुके हैं संकल्प पत्र

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एक और देह मेडिकल छात्रों की पढ़ाई के लिए आईजीएमसी आया है। ऐसा ये सातवां शरीर है। बताया जा रहा है कि

अमर प्रकाश का एक मृत शरीर आयु 91 वर्ष,पुत्र  रूप लाल,निवासी सिटोरी भवन, एयरपोर्ट रोड, टॉवर के पास, विजय नगर, शिमला अर्बन (टी), टूटू, शिमला को एनाटॉमी विभाग, आईजीएमसी, शिमला में 03-07-2021 को दोपहर 12:00 बजे प्राप्त हुआ था।

नेक काम के लिए मृतक की इच्छा पार्थिव शरीर उनके पुत्र  अश्विनी कुमार और परिवार के सदस्यों द्वारा लाया गया। मृतक  अमर प्रकाश की मृत्यु 03-07-2021 को प्रातः 3:45 बजे प्राकृतिक मृत्यु के साथ हुई। वे पेशे से रेलवे मेल सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे।  अमर प्रकाश का पंजीकरण देहदान समिति के अंतर्गत एनाटॉमी विभाग, आईजीएमसी में  16, दिनांक 07-08-2010, देह दान समिति के तहत प्राप्त यह सातवां शरीर है। देहदान के लिए आईजीएमसी शिमला की देह दान समिति को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है और अब तक 398 से अधिक स्वयंसेवकों ने अपने शरीर का संकल्प लिया है। देह दान समिति को एच.पी. सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 2006 (2006 का अधिनियम संख्या 25) संख्या 168/2008 दिनांक 31-10-2008 में

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 सभी से जन जागरूकता और पंजीकरण के लिए आगे आने की अपील की जा रही है जो एक बहुत ही नेक काम है। मानव शरीर दान करने से चिकित्सा अनुसंधान में एक बहुत बड़ा लक्ष्य प्राप्त होता है। संस्थान के मेडिकल, डेंटल छात्रों और अन्य पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की शिक्षा होती है।

 सरकार मृतक को मृत्यु स्थल से संस्था तक पहुंचाने के लिए 5000/- रुपये प्रदान करती है। यह अपील की जाती है कि सभी स्वयंसेवक दाता परिचारक ध्यान दें कि अपघटन से बचने के लिए शरीर को 24 घंटे के भीतर विभाग में लाया जाए क्योंकि एक बार अपघटन शुरू होने के बाद शरीर को क्षीण और संरक्षित नहीं किया जा सकता है।

Deepika Sharma

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