विविध

कैथलीघाट से ढली सेक्शन तक पांच सुरंगों के निर्माण की आवश्यकता

शिमला बाईपास फोरलेन परियोजना के प्रस्तावित संरेखण पर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुति

No Slide Found In Slider.

 

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर  ने कहा कि  शिमला बाईपास फोरलेनिंग परियोजना के अन्तर्गत कैथलीघाट से ढली सेक्शन में प्रस्तावित संरेखण (अलाइनमंेट) और शिमला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ढली टनल के समानान्तर हाईवे टनल के निर्माण के लिए एक प्रस्तुति दी गई।

No Slide Found In Slider.

 

मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि कैथलीघाट से ढली सेक्शन तक पांच सुरंगों के निर्माण की आवश्यकता है। इस फोरलेन परियोजना में भट्टाकुफर से ढली के लिए वर्तमान में प्रस्तावित ट्विन टनल/वायोडक्ट्स शहरी क्षेत्र को पूरी तरह बाईपास करेगी और इससे वन क्षेत्र तथा ढांचे कम से कम प्रभावित होंगे।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस प्रस्तावित फोरलेन बाईपास से क्षेत्र के निवासियों की जिन्दगी में नगण्य प्रभाव होना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संजौली बाईपास और शहर की सड़कों से सम्पर्क के लिए प्रस्तावित ट्विन टनल से शिमला नगर के लोगों को बेहतर सम्पर्क सुविधा उपलब्ध होगी।

 

मुख्यमंत्री ने ढली जंक्शन और ढली बाईपास के सुधार कार्य की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सुरंगों के निर्माण से बड़ी मात्रा में मलबा निकलता है, इसलिए भूमि के बेहतर उपयोग के लिए डंपिंग स्थलों पर स्टेडियम जैसी सुविधाओं का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इन परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि लोग शीघ्र इनसे लाभान्वित हो सकें।

No Slide Found In Slider.

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि ढल्ली सुरंग 175 वर्ष से अधिक पुरानी है और इसकी डिजाइन की अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऊपरी शिमला क्षेत्र, मंडी, कुल्लू और किन्नौर जिलों को जोड़ने के कारण यह सुरंग एक महत्वपूण है। सरकार ने इस सुरंग के साथ समानांतर सुरंग बनाने का निर्णय लिया है ताकि वाहनों का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि 55 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इस टू लेन सुरंग का निर्माण किया जाएगा और अगले साल अगस्त माह तक इसका कार्य पूरा हो जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी हितधारकों विशेषकर प्रस्तावित सुरंग के ऊपर स्थित मकानों के मालिकों को विश्वास में लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनके साथ बैठक कर उन्हें आश्वस्त किया जाए कि इस परियोजना से उनकी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं होगा।

 

प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुभाशीष पांडा ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के हर सम्भव प्रयास किये जायेंगे।

 

बैठक में मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी शर्मा, विशेष सचिव अरिंदम चैधरी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी जी.एस. संघा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।

 

 

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close