सीबीएसई बोर्ड के फैसले का स्वागत, शिक्षकों की पदोन्नति व स्थानांतरण पर ज़ोर

आज हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने अवगत करवाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड लागू करने के निर्णय का शिक्षक संघ स्वागत करता है।
लेकिन इसके साथ-साथ हमने माननीय शिक्षा मंत्री के समक्ष कुछ महत्वपूर्ण माँगें और सुझाव रखे हैं, ताकि यह व्यवस्था बिना किसी भ्रम और असंतोष के सफलतापूर्वक लागू हो सके।
हमारी प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं—
1. सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के लिए योग्य एवं लंबे समय से सेवाएँ दे रहे शिक्षकों की दक्षता जाँचने हेतु किसी प्रकार की परीक्षा या टेस्ट न लिया जाए।
2. जो शिक्षक पहले से सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत हैं, उन्हें कम से कम एक वर्ष का समय दिया जाए, ताकि उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन बोर्ड परीक्षा परिणामों के आधार पर किया जा सके।
3. प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों की कार्यक्षमता का आकलन केवल परिणामों के आधार पर किया जाए तथा सभी रिक्त पदों को 100 प्रतिशत भरा जाए।
4. सीबीएसई और हिमाचल बोर्ड के बीच शिक्षकों के स्थानांतरण की सुविधा उनकी इच्छा के अनुसार जारी रखी जाए।
5. बालक और बालिका विद्यालयों का अनावश्यक विलय न किया जाए, बल्कि एक स्कूल को सीबीएसई तथा दूसरे को हिमाचल बोर्ड के अंतर्गत सुदृढ़ किया जाए।
6. प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए सीबीएसई मानकों के अनुसार नामित उप-प्रधानाचार्य का एक पद सृजित किया जाए।
7. सीबीएसई एवं हिमाचल बोर्ड की फीस संरचना में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी न की जाए।
8. शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार के निजीकरण को शिक्षक संघ स्वीकार नहीं करेगा।




