स्वास्थ्य

EXCLUSIVE: अलर्ट: ठंड से बीमार हुए मासूम

हर दिन शिमला के अस्पतालों की ओपीडी में आ रहे है दो सौ से ढाई सौ मामले

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शिमला के अस्पतालों में बीमार बच्चों का  ग्राफ एकाएक बढ़ गया है । कारण यह बना है कि ठंड के कारण बच्चों के बीमार होने की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। हर दिन शिमला के अस्पतालों की ओपीडी के आंकड़ों पर गौर करे तो प्रति दिन लगभग 200 से अधिक बच्चे बीमार होकर इलाज करवाने  अस्पताालों में आ रहे हैं।

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 । सबसे ज्यादा बच्चों की छाती जाम हो रही है जिसमें निमोनिया के केस भी सामने आ रहे हैं ।असर न्यूज से खास बातचीत करते हुए बच्चों के डॉक्टर राजेश राणा का कहना है कि रिपन की ओपीडी पर गौर करें तो हर दिन 100 से अधिक मरीज बच्चे इलाज करवाने  इधर आ रहे हैं और इनका कारण यह बन रहा है वह ठंड के कारण बीमार पड़े हैं।

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बच्चों की उम्र

बच्चों की उम्र पर गौर करें तो 2 वर्ष से 10 वर्ष के बच्चों के बीमार होने का आंकड़ा सबसे ज्यादा सामने आ रहा है जिसमें निमोनिया के मामले भी अधिक सामने आ रहे हैं।

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बच्चों का रखें विशेष ख्याल

डॉ राजेश राणा का कहना है कि ठंड में बच्चों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। बच्चों के पैरों में जुराबे और सिर में टोपी का लगाना बेहद जरूरी है ।कई बच्चे ठंड में काफी समय तक रहते हैं । जिससे उनकी छाती जाम हो जाती है और उन्हें निमोनिया घेर लेता है।

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कितना घातक है निमोनिया

बच्चों के लिए निमोनिया काफी घातक है ।जिसके कारण बच्चों की मौत भी हो सकती है ।सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है। ऐसे में बच्चों का बेहद ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों पर नजर रखनी चाहिए।

निजी क्लीनिक में भी लगी है लाइन

शिमला के सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी क्लीनिको मैं भी बच्चों के इलाज को लेकर बच्चों की लाइन लगी है ।इसमें अधिकतर बच्चों की उम्र 5 से 10 वर्ष के बीच में है जिसमें उन्हें खांसी और सर्दी की शिकायत बताई जा रही है।

Deepika Sharma

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