शिक्षा

प्रदेश में सीएंडवी शिक्षक ट्रासंफर को लेकर शिक्षा विभाग एक बार फिर से उलझ गया

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प्रदेश में सीएंडवी शिक्षक ट्रासंफर को लेकर शिक्षा विभाग एक बार फिर से उलझ गया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने इस बाबत शिक्षा सचिव को पत्र लिखा है। वहीं पूछा है कि सीएंडवी शिक्षकों के लिए 5 फीसदी कोटा जो तबादले के लिए बढ़ाया गया है, उसका इस्तेमाल कैसे किया जाए। यानि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की एक जिला से दूसरे जिले में होने वाली म्यूचल ट्रासंफर में भी कोटे का इस्तेमाल हो, इस पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। बता दे कि सीएंडवी शिक्षकों का तबादला हिमाचल में शर्ताे के साथ होता है। जिला में सीएंडवी शिक्षकों की संख्या को देखते हुए उस में से 5 फीसदी ही तबादला किया जाता है। बता दे कि सीएंडवी शिक्षकों को पहले तबादले के लिए 1 प्रतिशत कोटा होता था, जो अब बढक़र 5 प्रतिशत हो गया है।

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बता दे कि सरकार ने सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 43 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए अंतर जिला तबादलों की निर्धारित अवधि को कम करने की बरसों पुरानी मांग को पूरा कर दिया है। 25 हजार जेबीटी और 18 हजार सीएंडवी शिक्षक अब गृह जिलों में तबादले करवा सकेंगे। सरकार ने तबादलों पर लगाई 13 वर्ष की शर्त घटाकर अब 5 वर्ष कर दी है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि सिर्फ अध्यापको को परेशान करने का तरीका है। पांच जिलों में हमेशा प्रॉब्लम रहती है। पहली नीति को लटका कर रखा, अब ट्रांसफर को। म्यूच्यूअल ट्रांसफर में 5% कोटा लागू नही होता, क्योकि एक अध्यापक की जगह दूसरा आता है इसलिए पांच प्रतिशत वाली शर्त नही लगाई जा सकती। इस विषय को शिक्षामंत्री ओर प्रधान शिक्षा सचिव के ध्यान में ला चुके हैं।

Deepika Sharma

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