संस्कृति

खास खबर: हिमालय साहित्य मंच शिमला का राष्ट्रीय आयोजनःचलती रेल में साहित्य का अनूठा संगम

कालका-शिमला धरोहर रेल में चतुर्थ भलकू स्मृति साहित्यिक यात्रा का सफल आयोजनः 40 लेखकों ने लिया भाग।

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

 

विश्व धरोहर के रूप में विख्यात शिमला-कालका चलती रेल में हिमालय साहित्य, संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा आज 13 अगस्त को चतुर्थ भलखू स्मृति साहित्यिक यात्रा का सफल आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया जिसमें 40 लेखकों ने भाग लिया

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM

। देश भर से इस यात्रा में 13 लेखक शामिल रहे। शिमला स्टेशन से हिमालय क्वीन में लेखकों की यात्रा 10.47 पर चली जिसे रेलवे के तीन वरिष्ठ अधिकारियों स्टेशन अधीक्षक जोगिंदर सिंह बोहरा, प्रिंस सेठी और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक अमर सिंह ठाकुर और हिमाचल अकादमी के सचिव डॉ.कर्म सिंह ने फ्लैग ऑफ किया। समर हिल स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक संजय गेरा और रेलवे अधिकारी व्योम जी को उपरोक्त अधिकारियों सहित सम्मानित किया गया। यात्रा बड़ोग रेलवे स्टेशन तक गईं और वहां दोपहर के भोजन के बाद लेखक दूसरी गाड़ी से शिमला आ गए। चलती रेल में कहानी, संस्मरण, कविता, गीत, गजल, संगीत के कई सत्र रेलवे स्टेशनों के नाम से सम्पन्न हुए। यह जानकारी आज मीडिया को हिमालय मंच के अध्यक्ष एस.आर.हरनोट ने दी। इस रेल यात्रा के मुख्य अतिथि नौ वर्षीय सेंट एडवर्ड स्कूल के छात्र अर्जुन थे और अध्यक्षता दयानंद पब्लिक स्कूल के 14 वर्षीय छात्र काव्यांश ने की। श्री सत्य साईं सेवा संस्था शिमला ने रेलवे स्टेशन पर सभी लेखकों को अमृत महोत्सव पर तिरंगे भेंट कर स्वागत किया।

 

शिमला रेलवे स्टेशन के नाम रहा पहला सत्र लेखकों के स्वागत, सम्मान और परिचय का था जिसमें हरनोट ने यात्रा का उद्देश्य, कालका शिमला रेलवे का इतिहास और भलकू जमादार के योगदान सम्बन्धी जानकारी दी और सभी लेखकों को हिमाचली टोपी, मफलर और सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दिव्य और दुर्लभ प्रतिमा के धनी मजदूर भलकू जमादार के हिन्दुस्तान तिब्बत मार्ग और शिमला कालका रेलवे के सर्वेक्षण में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण करते हुए उन समस्त मजदूरों को याद करना भी है जिन्होंने अपने हाथों से रेलवे लाइन और हिमाचल के कठिन दुर्गम पहाड़ों से सड़कें निकालीं और कई मजदूरों ने अपनी जाने गंवा दीं। इस सत्र का सफलन संचालन आकाशवाणी और दूरदर्शन शिमला के जानेमाने एंकर जगदीश गौतम ने किया।

No Slide Found In Slider.

 

दूसरा सत्र तारादेवी स्टेशन के नाम था जिसमें जानेमाने कवि पत्रकार राकेशरेणु के कविता संग्रह ‘नए मगध में‘ का लोकार्पण प्रख्यात साहित्यकार मदन कश्यप द्वारा किया गया। पुस्तक पर संक्षिप्त टिप्पणी मदन कश्यप ने की। राकेशरेणु ने इस पुस्तक और कविताओं के बारे में अपने अनुभव साझा किए। सत्र का खूबसूरत संचालन डॉ0 सत्यनारायण स्नेही ने किया।

 

केथलीघाट स्टेशन के नाम से निर्धारित सत्र कहानी और संस्मरण को समर्पित रहा जिसकी अध्यक्षता जानेमाने उपन्यासकार मलिक राजकुमार ने की और संचालन दीप्ति सारस्वत ने सारगर्भित टिप्पणियों के साथ किया। इस सत्र में निलेश कुलकर्णी, राजुकर राज, सुनैनी शर्मा, मलिक राज कुमार, राम किशन शर्मा, घनश्याम मैथिल अमृत, सरिता कुलकर्णी, गुप्तेश्वरनाथ उपाध्याय, डॉ.देवकन्या ठाकुर, भारती कुठियाला और विनय शर्मा ने कहानी और संस्मरण पाठ किए।

 

कविता सत्र बड़ोग रेलवे स्टेशन के नाम से आयोजित किया गया जिसमें लेखकों ने अपनी कविताओं और गज़लों के पाठ किए। इस सत्र की अध्य़ाता प्रख्यात कवि आलोचक मदन कश्यप ने की और संचालन डॉ. सत्यनारायण स्नेही ने बहुत खूबसूरती के साथ किया। कविता पाठ में मदन कश्यप, राकेशरेणु, अजेय, सत्यनारायण स्नेही, रौशन जसवाल, नवनीत पांडे, लखविंदर सिंह, दीप्ति सारस्वत, शोभा बारहठ, गुप्तेश्वरनाथ उपाध्याय, देवकन्या ठाकुर, कौशल्या ठाकुर, दक्ष शुक्ला, नरेश देयोग, भारती कुठियाला, जगदीश कश्यप, अनिल शर्मा नील, आरती सूद गुप्ता, एनी शास्वत सूद, रत्नचंद निर्झर, अश्वनी कुमार, स्नेह नेगी, सुमन धंनजय, सुभाष अग्रवाल सहित दो छात्रों काव्यांश और अर्जुन शामिल रहे। साथ यादव चंद, विरेंद्र कुमार और योगराज शर्मा का भी यात्रा संचालन में प्रशंसनीय सहयोग रहा।

 

कनोह स्टेशन के नाम सत्र संगीत को समर्पित रहा जिसका संचालन प्रख्यात संगीतकार और शोधकर्ता सुनैनी शर्मा के साथ लोक गायक जगदीश गौतम के साथ किया। सनैनी शर्मा ने पंजागी लोग गीतों से जहां समां बांध दिया वहीं जगदीश गौतम ने हिमाचली लोकगीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मीडिया कॉरडीनेटर का कार्य आरती सूद गुप्ता ने बहुत कुशलता से निभाया। कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण और फोटोग्राफी जगदीश हरनोट ने बखूबी संचालित किया।

बड़ोग स्टेशन पर लेखकों का स्वागत वरिष्ठ साहित्य प्रेमी कुल राकेश पंत और कुल राजीव पंत की अगवाई में सोलन के लेखकों, रंग कर्मियों और मीडिया ने फूलों के हार पहनाकर किया।

 

14 अगस्त को सभी लेखक बाबा भलकू के गांव झाझा चायल जाएंगे जहां उनके पुश्तैनी घर के दर्शन कर उनके परिजनों से भी मिलेंगे और वहां गोष्ठी का आयोजन ग्रामीणों के साथ किया जाएगा।

 

·       

 

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close