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असर इंपैक्ट: बेबस बेटियों को मिलेगा आश्रम का आशियाना…..

बेटियां होने पर पीटता था पिता, असर न्यूज़ की खबर पर चाइल्ड हेल्प लाइन और सीडब्ल्यूसी की बड़ी पहल

आखिरकार चार बेबस बेटियों को आश्रम का आशियाना मिल ही गया । असर न्यूज़ की खबर पर गंभीरता जाहिर करते हुए चाइल्ड हेल्प लाइन और सीडब्ल्यूसी की टीम ने इन बेटियों को आश्रम में आशियाना देने की तैयारी कर दी है। गौर हो कि 

बिहार की रहने वाली चांदनी ने बताया कि उसका पति उसे बहुत मारता पिटता था। पीटने का कारण था बेटा न होना। वह अपनी 4 बेटियों को पढ़ाने और उनके जीवन यापन करने में असमर्थ महसूस कर रही थी। उसका कहना था कि उनके बच्चों की परवरिश सही तरीके से नहीं हो सकती। उसकी सबसे बड़ी बेटी महज 8 वर्ष की है।

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चांदनी के चार बेटियाँ थी लेकिन उसके पति को बेटा चाहिए था। चांदनी की शादी 14 साल की उम्र में हो गयी थी। चांदनी ने बताया कि उनका पति उन्हें शराब पीकर रोज मारता था,और कहता था कि उसे बेटा चाहिए चाहे वो जहां मरज़ी से लाए। चांदनी ने बताया कि एक बार तो उसके पति ने उसकी बड़ी बेटी को जहर देकर मरने की कोशिश भी की थी। और उन्हें घर से भी निकाल दिया था। इसलिए वो बिहार छोडकर हिमाचल प्रदेश के शिमला में आ गयी। और अपनी बेटियों को भी अपने साथ ले आई। शिमला में रखकर वह लोगों के घरों में झाड़ू पोंछे का काम करके अपनी बेटियों को पाल पोस रही है और साथ ही पढ़ा भी रही हैं। 

 

असर टीम ने चांदनी आपबीती को सबके सामने लाया ताकि चांदनी की कुछ मदद हो सके। असर टीम के इस प्रयास की वज़ह से चाइल्ड वेल्फेयर काउंसिल की टीम चांदनी और उनकी बेटियों की मदद के लिए आगे आयी हैं। चाइल्ड वेल्फेयर काउंसिल की टीम चांदनी की बेटियों को आश्रम भेजने की तैयारी कर रहा है। चाइल्ड हेल्पलाइन और  चाइल्ड वेल्फेयर काउंसिल की टीम ने असर टीम की इस खबर को देखने के बाद पूरी जांच पड़ताल की और चांदनी से भी पूछताछ की की वह कहा रहती हैं किस तरह से अपने बेटियों का पालन-पोषण करती हैं। पूरी जांच के बाद चाइल्ड वेल्फेयर काउंसिल की टीम ने चांदनी की बेटियों को आश्रम भेजने का फैसला किया है। और चांदनी की मदद करने का भी।

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