विशेषस्वास्थ्य

खास खबर : वर्ष 2021-22 में 1221 लोगों ने की बहरेपन की शिकायत

डॉ० राजीव सैज़ल  द्वारा हिमाचल प्रदेश सचिवालय से विशेष वाहन जीवनधारा (श्रवण) को हरी झण्डी दिखा कर जनकल्याण हेतु समर्पित किया गया

 

स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि आज स्वास्थ्य एवम् परिवार कल्याण मन्त्री डॉ० राजीव सैज़ल  द्वारा हिमाचल प्रदेश सचिवालय से विशेष वाहन जीवनधारा (श्रवण) को हरी झण्डी दिखा कर जनकल्याण हेतु समर्पित किया गया | स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आज वृद्धाश्रम बसंतपुर सुन्नी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नई ऑडिओमेट्रिक वैन द्वारा 47 वर्धक लाभार्थियों/ रिहायशी लाभार्थियों की श्रवण शक्ति की जांच की गई | इसके अंतर्गत 47 लाभार्थियों को श्रवण शक्ति जांच, नेत्र रोग जांच, नेत्र जांच, रक्तचाप, मधुमेह जांच व सभी खून जांच सुविधा उपलब्ध करवाई गई।

राष्ट्रीय बहरेपन रोकथाम कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में कान की आम बीमारियों के निदान व ईलाज की मुफ़्त सुविधा प्रदान की जाती है और जटिल रोगों के ईलाज के लिए मरीज़ों को उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थानों में रेफ़र किया जाता है | वर्ष 2021-22 में कुल 1221 लोगों में बहरेपन की समस्या पाई और उनमें से 131 लोगों के ऑपरेशन किये गए हैं | राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 – 18 वर्ष आयु के बच्चों की वार्षिक जाँच का प्रावधान है | वर्ष 2021-22 में जाँच किये गए 1706 बच्चों में से 10 बच्चों में बहरापन पाया गया है | इस के अतिरिक्त मुख्यमन्त्री निरोग योजना के अंतर्गत 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों के कानों की वार्षिक जाँच का भी प्रावधान है | इसके अनुसार पिछले तीन वर्षों में 25.45 लाख लोगों में से 4 प्रतिशत लोगों में कान की समस्या पाई गई |

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स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आगे बताया कि उपरोक्त विशेष वाहन जीवनधारा (श्रवण) को प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य खण्डों व अस्पतालों में भेजा जायेगा, जहाँ खण्ड चिकित्सा अधिकारी उन सभी लाभार्थियों को इकठ्ठा करेंगे जिन्हें सुनने में कोई भी समस्या पाई गई हो | इस वाहन में लगे उपकरण उन मरीज़ों की जाँच करेंगे और उन्हें हियरिंग एड ऑपरेशन और ईलाज के लिए उपयुक्त संस्थान में भेजा जायेगा और बुज़ुर्गों में सुनने की मशीन व बच्चों में ऑपरेशन और कोक्लियर इम्प्लान्ट लगाने में भी सहायता मिलेगी | इस वाहन में 2 तकनीशियन, एक डाटा एंट्री ऑपरेटर व एक ड्राईवर होगा | जिस अस्पताल में यह वाहन जायेगा वहाँ की पूरी टीम बहरेपन की जाँच में सहयोग करेगी | यह वाहन प्रदेश में बहरेपन की जाँच व उपचार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा |

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