चिंता: मनुष्य पृथ्वी पर हावी होने वाली प्रजाति है जो अपने लालच के लिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है
हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद के पर्यावरण सूचना प्रणाली (एच०पी० एनविस हब) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस को एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत एक वेबिनार का आयोजन करके मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सतपाल धीमान, संयुक्त सदस्य सचिव, हिमकोस्ट थे। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने जैव विविधता के मुद्दों की समझ और जागरुकता बढ़ाने के लिए 22 मई को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (IDB) के रूप में घोषित किया है। उन्होंने जैव विविधता के महत्व और मनुष्यों के साथ इसके संबंधों के बारे में भी बताया। उन्होंने जैव विविधता पर मनुष्यों के प्रत्यक्ष प्रभाव के बारे में अवगत कराया क्योंकि मनुष्य पृथ्वी पर हावी होने वाली प्रजाति है जो अपने लालच के लिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। वेबिनार के दौरान हिमाचल प्रदेश की जैव विविधता के विभिन्न पहलुओं पर डॉ. वनीत जिष्टू, वैज्ञानिक, एचएफआरआई, शिमला, डॉ. एस.पी. भारद्वाज, संयुक्त निदेशक (सेवानिवृत) यूएचएफ, नौनी, सोलन और राजेश कुमार शर्मा, परियोजना निदेशक (जेआईसीए), हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किये गए।
डॉ. वनीत जिष्टू, वैज्ञानिक, एचएफआरआई, शिमला ने पहाड़ी बांस-हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का एक महत्वपूर्ण संसाधन पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के स्थानीय निवासियों के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध उत्पादों से आजीविका कमाने के लिए बांस के महत्व के बारे में बताया।
डॉ. एस.पी. भारद्वाज, संयुक्त निदेशक (सेवानिवृत्त) यूएचएफ, नौनी, सोलन ने हिमाचल प्रदेश के कीट जीवों के संबंध में जैव विविधता और इसके महत्व पर व्याख्यान दिया। उन्होंने जैव विविधता और इसके महत्व और भारत के विभिन्न जैव-भौगोलिक क्षेत्रों से अवगत कराया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की विभिन्न वनस्पतिक एवं जीव जंतुओं की जैव विविधता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कीट जीवों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। श्री राजेश कुमार शर्मा, परियोजना निदेशक (जेआईसीए), हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने हिमाचल प्रदेश की जीव विविधता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद हिमाचल प्रदेश के संकटग्रस्त जीवों की विभिन्न प्रजातियों की जानकारी दी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सांपों की विविधता के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन एनविस की प्रभारी श्रीमती प्रियंका शर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान एनविस हब के सदस्य श्री अजय पंवर, डॉ ऋत्विक चौहान, श्रीमती वंदना शर्मा और श्रीमती जय प्रिया भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में 85 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।




