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नई छात्रवृति योजनाएं की जा रही शुरू

राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर ने गिनाए सरकार के काम

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राज्य खाद्य आपूर्ति निगम उपाध्यक्ष ने कहा कि नई छात्रवृति योजनाएं के शुरू होने और छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी से 30 हजार से ज्यादा छात्रों को सीधा लाभ होगा और इस पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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हिमाचल प्रदेश सरकार के लिए शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। वर्तमान वित्त वर्ष में शिक्षा क्षेत्र के लिएरिकॉर्ड 8 हजार 412 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह बात राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर ने कही। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब हिमाचल में छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि में अभूतपूर्व विद्धि की गई है साथ ही नई छात्रवृत्ति योजनाएं भी शुरू की गई हैं। इसमें कक्षा 3 के छात्रों से लेकर रिसर्च स्कॉलर तक लाभान्वित होंगे। तोमर ने कहा कि वर्तमान सरकार में पिछली सरकार के मुकाबले ज्यादा शिक्षकों की भर्ती की गई है। अटल आदर्श विद्यालय हिमचाल का नया भविष्य होंगे। ये बड़े प्रोजेक्ट हैं और इनमें समय लगता है।

मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए उठाए गए कदम

बलदेव तोमर ने कहा कि वर्तमान सरकार ने छात्रों की शिक्षा के लिए कितना कार्य किया है इसका उदाहरण आप आंकड़ों से लगा सकते हैं। पंजीकृत मजदूरों के बच्चों कोभवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम शिक्षा के लिए योजना के माध्यम से सहायता करता है। कांग्रेस सरकार में कामगार कल्याण बोर्ड ने पांच वर्ष के कार्यकाल में शिक्षा सहायता योजना के तहत 28 हज़ार 391 लाभार्थियों पर 7 करोड़ 25 लाख 40 हज़ार 779 रुपये खर्च किए गए। वर्तमान जयराम ठाकुर की सरकार में उसी कामगार कल्याण बोर्ड शिक्षा सहायता योजना के तहत 77 हज़ार 220 लाभार्थियों पर 81 करोड़ 38 लाख 4 हज़ार 842 रुपये खर्च किएहैं। उन्होंने कहा कि इन मजदूरों के बच्चों को पढ़ाई के दौरान दी जाने वाली राशि में सरकार ने 3,400 से लेकर 93 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई।जो कांग्रेस सरकारें कहती थीं कि हम गरीबों की हितैषी हैं उन्होंने इन बच्चों की पढ़ाई के बारे में कभी नहीं सोचा।

नई छात्रवृति योजनाएं की जा रही शुरू

राज्य खाद्य आपूर्ति निगम उपाध्यक्ष ने कहा किनई छात्रवृति योजनाएं के शुरू होने और छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी से 30 हजार से ज्यादा छात्रों को सीधा लाभ होगा और इस पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

प्रदेश में महर्षि वाल्मीकि छात्रवृति योजना, इंदिरा गांधी उत्कृष्ट छात्रवृति योजना, कल्पना चावला छात्रवृति योजना, डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्रवृति योजना और स्वामी विवेकानंद छात्रवृति योजना के अंतर्गत छात्रों को 700 रुपये से लेकर 1 हजार 250 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे। वर्तमान सरकार ने इन सभी योजनाओं की छात्रवृति राशि बढ़ाकर 1 हजार 500 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला लिया है।

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उन्होंने कहा कि साथ ही हिमाचल में पहली बार तीसरी कक्षा के 50 मेधावी छात्रों के लिए बाल प्रतिभा छात्रवृति योजना शुरू होगी। इसमें मैरिट पर आने वाले मेधावी छात्रों को चौथी और पांचवीं कक्षा में 3 हजार रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृति दी जाएगी।

आईआरडीपी छात्रवृति योजना राशि में बढ़ोतरी

प्रदेश में IRDP छात्रवृति योजना भी चल रही है, लेकिन इसकी राशि में भी 1991 के बाद से कोई वृद्धि नहीं की गई थी। पहले इस योजना में स्कूली छात्रों को मात्र 300 रुपये और छात्राओं को 600 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते थे।

अब वर्तमान सरकार ने इस योजना को पुनर्निमित करते हुए मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना शुरू करने का फैसला लिया है। अब स्कूली छात्रों के लिए 1500 रुपये प्रतिवर्ष और छात्राओं के लिए 2000 हजार रुपये प्रतवर्ष करने का बजट में प्रावधान कर दिया है।

IRDP छात्रवृति योजना के अंतर्गत कॉलेज में पहले छात्रों को 1200 रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति दी जाती थी। इसे मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना में बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष किया जाएगा। इसके अलावा छात्रावास में रह रहे छात्रों को 2 हजार 400 रुपये प्रतिवर्ष की जगह 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष मिलेंगे।

पहली बार मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना

यूनिवर्सिटी में रिसर्च कर रहे छात्रों की जरूरतों को भी वर्तमानसरकार ने समझा है। इसलिए पहली बार रिसर्च स्कॉलर के लिए मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना शुरू होगी। इस योजना के तहत ऐसे शोधार्थी जिन्हें किसी भी तरह की फेलोशिप नहीं मिल रही उन्हें 3 हजार रुपये प्रतिमाह फेलोशिप दी जाएगी।

देश की रक्षा में शहीद या विकलांग हो जाने वाले Armed Forces के जवानों के बच्चों को छात्रवृति दी जाती है। यह छात्रवृति मात्र 30 रुपये से 200 रुपये प्रतिमाह थी। यही नहीं, इस छात्रवृति में 1983 के बाद से वृद्धि ही नहीं की गई।

अब वर्तमान सरकार ने ऐसे बच्चों को पढ़ाई के लिए सालाना 18 हजार रुपये देने का प्रावधान बजट में किया है। इसमें छात्रों को प्रतिमाह 1500 रुपये छात्रवृति मिलेगी।

स्वर्ण जयंती मिडल मेरिट स्कॉलरशिप

इसके अलावा वर्तमान सरकार में हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती मिडल मेरिट छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई। इसमें पांचवी कक्षा पास कर चुके छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। विशेष परीक्षा के माध्यम से चयनित 100 छात्रों को कक्षा छठी में 4 हज़ार प्रतिमाह, कक्षा सातवीं में 5 हज़ार प्रतिमाह और कक्षा आठवीं में 6 हज़ार प्रतिमाह छात्रवृति मिलेगी। इसके लिए चयन परीक्षा का आयोजन हो चुका है। जल्द ही चयनित छात्रों को राशि भी जारी कर दी जाएगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Deepika Sharma

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