कुलदीप सिह राठौर को बदलने के शगूफे छोड़ना पार्टी के लिए घातक

शिमला नगर निगम चुनाव के नजदीक कुछ शरारती तत्वो द्वारा कुलदीप सिह राठौर को बदलने के शगूफे छोड़ना पार्टी के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।सत्य जीत नेगी (सचिव) हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवम प्रभारी ठियोग विधान सभा क्षेत्र का कहना है कि कुलदीप सिंह राठौर की अध्यक्षता में हिमाचल कांग्रेस ने चार महत्वपूर्ण उपचुनाव भी जीते है, तधा 2022 का विधान सभा चुनाव भी फतेह करेगे ।यदि पार्टी हाईकमान द्वारा पंजाब की तरह गलत निर्णय लिया गया तो हिमाचल कांग्रेस की स्थिति पंजाब से भी बदतर होगी तथा हिमाचल मे कांग्रेस की सरकार बनना असम्भव है ठीक चुनाव से पहले नया अध्यक्ष बनाना मतलब कांग्रेस पार्टी को मुसीबत में डालना है क्योंकि जो भी नया अध्यक्ष बनेगा उसे कम से समय 2 साल तो लोगों को संगठित करने व उनका विश्वास जीतने में ही लगेगा जिससे हम अभी हाल ही में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर नहीं दे पाएंगे। मुझे अपने पार्टी हाईकमान पर पूरा भरोसा है कि कुछ स्वार्थी मीडिया के भ्रामक प्रचार पर शीघ्र अति शीघ्र अंकुश लगायेगे ताकि सभी एकजुटता के साथ शिमला के नगर-निगम के चुनाव प्रचार अभियान मे जुट जाये।यह भी हो सकता है जैसा कि आदरणीय कुलदीप सिंह राठौर कह रहे है कि इस षड्यंत्र के पीछे विपक्षी भाजपा का हाथ भी हो सकता है,ताकि नगर-निगम के चुनाव मे कांग्रेस पार्टी को उलझाया जा सके।पार्टी हाईकमान को इस पर भी संज्ञान लेना चाहिए। कुलदीप सिंह राठौर का एकमात्र लक्ष्य है कि किस तरह हिमाचल मे कांग्रेस पार्टी को सत्तासीन किया जाए तथा राहुल गांधी के एजेंडे पर कार्य करते हुए सभी कांग्रेस-जनो को साथ ले कर आगे बढ रहे है तथा यही कारण है कि राठौर साहब ने अपना कोई गुट तैयार नही किया । इसी नीति के कारण आज कांग्रेस पार्टी मे राठौर का कद एवम जनाधार को बढता देख कर महत्वकांक्षी लोग भ्रामक प्रचार कर कांग्रेस पार्टी को कमजोर कर रहे है। जिस पर शीघ्र अति शीघ्र अंकुश लगना चाहिए ।



