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सरकारी बसों की तरह प्राईवेट बसों में भी लॉग बुक होनी चाहिए

प्राईवेट बस चालकों परिचालकों के समर्थन में उतरी परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति

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शिमला शहर में प्राईवेट बस चालकों परिचालकों की मांगों का समर्थन किया है। समन्वय समिति के सचिव खेमेन्द्र गुप्ता ने खेद प्रकट करते हुए कहा है कि सरकार द्वारा इनके भविष्य सुरक्षित करने के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है जिसका खामियाजा निजी बसों के चालकों परिचालकों को भुगतना पड़ रहा है। इनकी मांग उचित है। सरकार की कोई नीति न होने के कारण निजी बस ऑपरेटर्ज भी चालकों परिचालकों का भरपूर शोषण कर रहे हैं। चालकों परिचालकों को उतना मेहनताना नहीं मिलता है जितना उन्हें मिलना चाहिए। सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार इन्हे मिनिमम वैजेज सहित ओवर टाइम, सप्ताहिक एवं आकस्मिक अवकाश भी दिया जाना चाहिए। इसी प्रकार सरकारी बसों की तरह प्राईवेट बसों में भी लॉग बुक होनी चाहिए जिससे उनकी दिनचर्या एवं कार्य दिवसों एवं घंटों की सही गणना की जा सके और निजी बस ऑपरेटर उनका किसी प्रकार का शोषण न कर सके। वहीं निजी बस चालकों परिचालकों को एच.आर.टी.सी भर्ती में आरक्षित कोटा दिया जाना चाहिए। यदि सरकार निजी बस चालक परिचालकों को भर्ती में कोटा प्रदान करती है तो इससे निगम को अनुभवी चालक व परिचालक मिलेंगे।

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Deepika Sharma

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