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महिलाओ को 8 मार्च का अवकाश  घोषित करे सरकार

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने उठाई आवाज

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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी के अबहान पर आज अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर भारत की जनवादी नौजबान सभा, विद्यार्थियों का संगठन एस एफ आई ने मिलकर आज पूरे प्रदेश मे शिमला, मण्डी, सिरमौर हमीरपुर ,कुल्लू,तथा सोलन मे आज बिभिन माँगो को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के साथ साथ जिलाधीशों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी दिए।

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तीनो सगठनों ने आज”शिक्षा और रोजगार अधिकार है हमारा “की मांग को लेकर तथा 8 मार्च महिलाओ के संघर्षों के प्रतीक है और महिलाओ को मत देने का अधिकार भी मिला था तथा महिलाये रूस में सन 1917 में अपने अधिकारों के लिए तथा कारखानों में काम के घण्टो को कम करने के लिए ,समान काम का समान बेतन के लिये महिला समानता के लिए तथा गैर बराबरी के लिये एकत्रित हुई थी।आज हमारे देश मे इस दिवस का सरकारीकरण और बाजारीकरण किया जा रहा है।

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जनवादी महिला समिती सरकार के उस निर्णय की भी कड़ी आलोचना करती है जिसमे सरकार ने यह निर्णय लिया है कि महिला दिवस के दिन प्रदेश की पंचायतों में महिला ग्रामसभाएं होंगी उस दिन महिला को नुमाइन्दो के द्वारा बुलाया जाता है और उनके निर्णयों के लिये फिर से पंचौतो में आम्सभाये करनी पड़ती है।

हिमाचल प्रदेश की सरकार करवाचौथ की तर्ज पर महिलाओ को 8 मार्च का अवकााश  घोषित करे।

हिमाचल प्रदेश में पड़े लिखे युबाओ को रोजगार दिलबाना सरकार का कर्तब्य बनता है। क्योंकि आज युवा को रोजगार न होने की बजह से युबा नशे की चपेट में जा रहा है।

विधार्थियो की नई शिक्षा नीति एक अंधकार म ले जाने बाली नीति है इस नीति में मनुवादी और हिन्दुताब्दी सोच को बढ़ाबा देना इस नीति के माध्यम से डिजिटल शिक्षा लड़कियों पर गहरा प्रभाब डालेगी।

इसलिए तीनो सगठन सरकार से माँग करते है कि सरकार को दिए गए ज्ञापनों पर गंभीरता से बिचार करे और इन माँगो को पूरा करे।

 

Deepika Sharma

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