ब्रेकिंग-न्यूज़

प्रदेश सरकार ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो बार अतिरिक्त पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने को दी स्वीकृति

WhatsApp Image 2026-09-18 at 12.00.19 PM

बच्चों की पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे-मील के साथ सप्ताह में दो बार अतिरिक्त पौष्टिक आहार (टॉप-अप) उपलब्ध करवाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों के पोषण को बेहतर बनाना है ताकि उनका संतुलित विकास सुनिश्चित हो।
इस पहल के तहत विद्यार्थियों को सप्ताह में दो बार बुधवार और शुक्रवार को, उनकी अथवा उनके अभिभावकों की पसंद के अनुसार उबला हुआ अंडा या ताजा फल, जिसमें केला अथवा सेब उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे पहले विद्यार्थियों को ये पौष्टिक वस्तुएं सप्ताह में एक बार प्रदान की जाती थीं। विद्यालय स्तर पर मिड-डे-मील प्रभारी शिक्षक, कुक-कम-हेल्पर्स की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थियों को निर्धारित पौष्टिक आहार समय पर उपलब्ध हो। योजना की निगरानी प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों, केंद्र मुख्य शिक्षकों, मुख्य शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन समितियों तथा अन्य संबंधित पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा की जाएगी। योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों और स्कूल प्रबंधन समितियों के सहयोग से अतिरिक्त पौष्टिक आहार के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री विद्यालय स्तर पर स्थानीय बाजार से खरीदी जाएगी।
योजना के लिए आवश्यक बजट विद्यार्थियों के दाखिले के आधार पर कोषागार माध्यम से ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (बीईईओ) को उपलब्ध करवाया जाएगा। बीईईओ अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों को विद्यार्थियों की संख्या और निर्धारित प्रति विद्यार्थी दर के आधार पर त्रैमासिक रूप से धनराशि जारी करेंगे। विद्यालय अतिरिक्त पौष्टिक आहार पर होने वाले व्यय का अलग रिकॉर्ड रखेंगे तथा संबंधित बीईईओ को मासिक और त्रैमासिक व्यय विवरण प्रस्तुत करेंगे। बीईईओ समेकित रिपोर्ट संबंधित प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशकों को भेजेंगे, जो जिला-वार रिपोर्ट प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को प्रस्तुत करेंगे।
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अंडे और ताजे फलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और बच्चों को फल देने से पहले अच्छी तरह साफ किया जाएगा और अंडों को उचित रूप से उबालकर विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाया जाएगा। पौष्टिक आहार सामग्री की खरीद, भंडारण, तैयारी और वितरण के दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र कल्याण में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में दो बार दिया जाने वाला यह पौष्टिक टॉप-अप नियमित मिड-डे-मील का पूरक होगा तथा विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध होगा। इससे बच्चों के स्वस्थ शारीरिक विकास और बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल की सफलता के लिए प्रभावी निगरानी, सामुदायिक सहभागिता और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

ashb advt_page-0001
Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close