असर विशेष: हिमाचली रसोई बनेगी पर्यटन की नई पहचान
27 सितंबर को कुफरी में सजेगा कुलिनरी फेस्टिवल
शिमला, 23 सितंबर।
हिमाचल के पारंपरिक स्वाद, स्थानीय उत्पादों और सदियों पुराने पाक ज्ञान को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए हिम आंचल शेफ्स एसोसिएशन (HIMCA) विश्व पर्यटन दिवस पर 27 सितंबर को IHM कुफरी में ‘हिमाचल कुलिनरी एवं टूरिज्म फेस्टिवल-2026’आयोजित करने जा रहा है। खास बात यह है कि इसमें केवल शेफ ही नहीं, बल्कि स्कूली विद्यार्थी, होम शेफ और होम बेकर्स भी अपनी पाक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
फेस्टिवल में मिलेट्स, जंगली खाद्य सामग्री और पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों का स्वाद और हुनर देखने को मिलेगा। IHM कॉलेज प्रतियोगिता में मिलेट्स व वाइल्ड इंग्रीडिएंट्स से तीन-कोर्स मेन्यू तैयार किया जाएगा। कक्षा IX-X के विद्यार्थी स्थानीय सामग्री से तथा XI-XII के विद्यार्थी मिलेट आधारित व्यंजन तैयार करेंगे। वहीं होम शेफ पारंपरिक हिमाचली भोजन और पाक तकनीकों को प्रस्तुत करेंगे।
होम बेकर्स के लिए ‘Tourism in Himachal’ थीम रखी गई है, जिसमें सेब प्रमुख सामग्री होगा और प्रतिभागी लाइव केक डेकोरेशन व बेकिंग का प्रदर्शन करेंगे।
राष्ट्रपति भवन से लेकर राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचा हिमाचली स्वाद
HIMCA के अध्यक्ष Chef Nand Lal Sharma हिमाचली पाक विरासत को देश-दुनिया के मंचों तक पहुंचाने के प्रयासों में सक्रिय हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति भवन में छह दिनों तक पारंपरिक हिमाचली भोजन का प्रदर्शन एवं प्रस्तुतीकरण किया। इसके अलावा रांची और ग्रेटर नोएडा में भी हिमाचली खान-पान और उसकी सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया।
Chef Sharma के अनुसार हिमाचली भोजन केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रदेश का इतिहास, जीवनशैली, जैव-विविधता और पूर्वजों का पारंपरिक ज्ञान भी समाहित है।
‘सस्टेनेबिलिटी’ से पहले हमारे पूर्वज जानते थे संसाधनों का सम्मान
Chef Nand Lal Sharma ने कहा कि हिमाचल के पूर्वजों ने सस्टेनेबिलिटी शब्द भले ही न सुना हो, लेकिन वे इसके मूल सिद्धांतों को जीवन में अपनाते थे। स्थानीय संसाधनों का सीमित उपयोग, भोजन की बर्बादी रोकना, कठिन मौसम के लिए खाद्य पदार्थों का संरक्षण और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीना उनकी जीवनशैली का हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि फेस्टिवल का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रतियोगिता में जीतना सिखाना नहीं, बल्कि यह समझाना भी है कि उनका भोजन कहां से आता है और हमारी पारंपरिक पाक विधियां क्यों विकसित हुईं।
हिमाचली थाली को पर्यटन का ‘दूत’ बनाने की तैयारी
HIMCA का मानना है कि स्थानीय अनाज, मिलेट्स, मौसमी उत्पाद, जंगली खाद्य सामग्री और पारंपरिक संरक्षण विधियां हिमाचल के पर्यटन को एक अलग पहचान दे सकती हैं। इसी सोच के साथ फेस्टिवल में पाक विरासत, युवा सहभागिता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत पर्यटनको एक मंच पर लाया जा रहा है।
Chef Sharma ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि HIMCA, होम शेफ्स, पारंपरिक बोटीज़ और पूरी हिमाचली culinary community का सामूहिक प्रयास है। उद्देश्य ऐसा बेंचमार्क तैयार करना है, जहां पारंपरिक ज्ञान का सम्मान, संरक्षण और दस्तावेजीकरण हो तथा युवा इसे गर्व के साथ आगे बढ़ाएं।
कार्यक्रम: हिमाचल कुलिनरी एवं टूरिज्म फेस्टिवल-2026
तिथि: 27 सितंबर 2026
स्थान: IHM कुफरी, शिमला
आयोजक: हिम आंचल शेफ्स एसोसिएशन (HIMCA)
अवसर: विश्व पर्यटन दिवस 2026
संबद्धता: IFCA एवं Worldchefs




