असर न्यूज की खबर का असर – शिमला में धूल फाँक रही मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब शुरू

शिमला। प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावट पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी (MFTL) वैन अब फिर से सक्रिय हो गई हैं।
उल्लेखनीय है कि असर न्यूज ने कुछ दिन पूर्व खबर प्रकाशित की थी कि शिमला जिले में मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन रिपन अस्पताल के पास धूल फाँक रही थी
कारण यह कि छ माह से ज़्यादा समय बीतने के बाद भी संबंधित कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला था, जिससे जनता को मौके पर जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही थी । असर न्यूज की इस खबर का असर हुआ है और विभाग ने शिमला में वैन को पुनः शुरू कर दिया है।
असर न्यूज़ में प्रकाशित खबर

इस संबंध में संयुक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा)-सह-निदेशक, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन, हिमाचल प्रदेश जितेंद्र सांजटा, IAS ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भी बताया है कि वर्तमान में प्रदेश के पांच जिलों – शिमला, सोलन, कुल्लू, सिरमौर और बिलासपुर में पांच MFTL वैन कार्यरत हैं। इनके माध्यम से आम जनता, खाद्य कारोबार संचालकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मौके पर खाद्य पदार्थों की जांच की सुविधा दी जा रही है।
क्या-क्या जांच होती है:
1. TPC मीटर एवं एसिड वैल्यू के माध्यम से खाद्य तेल की जांच
2. रिफ्रैक्टोमीटर से TSS एवं शुगर की जांच
3. आयोडीन व स्टार्च की जांच
4. पानी की pH आधारित जांच
अब तक 1579 सैंपल लिए गए:
इस पहल से फील्ड स्तर पर सैंपलिंग में तेजी आई है। अब तक कुल 1579 नमूने लिए गए हैं, जिसमें बिलासपुर से 486, सिरमौर से 511, सोलन से 520 और कुल्लू से 62 नमूने शामिल हैं।
जितेंद्र सांजटा ने बताया कि MFTL वैन का जिला-वार रोस्टर और जांच शिविरों का कार्यक्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
उन्होंने आम जनता से इस सुविधा का लाभ उठाने और सुरक्षित भोजन के लिए जागरूक रहने की अपील की। खाद्य सुरक्षा से संबंधित शिकायत के लिए FSSAI हेल्पलाइन नंबर 76499-00015 पर संपर्क किया जा सकता है।

