विश्व फॉरेंसिक साइंस दिवस पर एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

शिमला, 21 सितंबर:
एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज (SOAHS) एवं फॉरेंसिक साइंस विभाग द्वारा विश्व फॉरेंसिक साइंस दिवस के अवसर पर “Forensic Science: Advancing Knowledge and Strengthening Practice” विषय पर राष्ट्रीय
सेमिनार का आयोजन अलख ऑडिटोरियम में किया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण एपीजी शिमला विश्वविद्यालय और SIFS India के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर रहा। MoU पर एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार महोदय तथा SIFS India के निदेशक डॉ. रंजीत सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के माध्यम से फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, व्यावहारिक अनुभव, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा भविष्य के करियर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी तथा के.आर. मंगलम यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया। सेमिनार ने विद्यार्थियों को फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में नवीनतम जानकारी प्राप्त करने तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में डॉ. देविंदर शर्मा, कुलपति, एपीजी शिमला विश्वविद्यालय; डॉ. आनंद मोहन शर्मा, डीन एकेडमिक्स; डॉ. ज्योत्सना शर्मा, एसोसिएट डीन एकेडमिक्स; तथा डॉ. टीना शर्मा, डीन, स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज एवं निदेशक, IQAC सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सेमिनार में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव एवं विचार साझा किए। SIFS India के निदेशक डॉ. रंजीत सिंह ने फॉरेंसिक साइंस के व्यावसायिक एवं संस्थागत पहलुओं पर प्रकाश डाला। वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता डॉ. महिपाल सिंह सांखला ने अपने शोध अनुभव एवं वैज्ञानिक योगदानों पर जानकारी दी। श्री वैभव, साइबर फॉरेंसिक्स एवं उभरती डिजिटल तकनीकों के विशेषज्ञ, ने आधुनिक जांच में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। वहीं डॉ. विजय रस्तोगी, प्रश्नित दस्तावेज विशेषज्ञ (Questioned Document Expert), ने दस्तावेज जांच एवं परीक्षण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें एपीजी शिमला विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और के.आर. मंगलम यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने फॉरेंसिक साइंस से जुड़े समकालीन विषयों पर अपने विचार एवं शोध प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञ सत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान, साइबर फॉरेंसिक्स, प्रश्नित दस्तावेज परीक्षण, उभरती तकनीक तथा फॉरेंसिक साइंस में करियर की संभावनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं पेशेवर अनुभव प्रदान किया। APG Shimla University और SIFS India के बीच हुआ MoU फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में विश्वविद्यालय-उद्योग सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी विशेषज्ञों, सहभागी विश्वविद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया गया।


