दयानंद स्कूल में बच्चों का कमाल

दयानंद स्कूल शिमला में कक्षा पहली के नन्हे–मुन्नों के लिए ‘वार्षिकसमारोह‘ का आयोजन बेहद धूमधाम से किया जायेगा । इस अवसर परस्कूल के प्राचार्य अनुपम मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बच्चों नेएक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अभिभावकों औरदर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
समारोह में नन्हे कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक नृत्यों की सुंदरछटा बिखेरी। बच्चों ने पारंपरिक हिमाचली ‘नाटी‘ और ‘मराठी नृत्य‘ पेशकर भारतीय संस्कृति का सुंदर संदेश दिया। इसके बाद मंच पर ‘जुम्बाडांस‘ की ऊर्जावान प्रस्तुति हुई, जिसने पूरे माहौल को जोश से भर दिया।बच्चों द्वारा पेश की गई सूफियाना ‘कव्वाली‘ कार्यक्रम का विशेषआकर्षण रही, जिसे दर्शकों की खूब वाहवाही मिली।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ही कक्षा पहली के बच्चों ने ‘मिसिंगकलर्स ऑफ रेनबो‘ (इंद्रधनुष के खोए रंग) नामक एक शिक्षाप्रद नाटक(Play) का शानदार मंचन किया। इस नाटक के जरिए बच्चों ने जीवन मेंरंगों की उपयोगिता, आपसी एकता और भाईचारे का बेहद खूबसूरत संदेशदिया। नन्हे बच्चों के संवाद और अभिनय कला को देखकर हर कोई दंगरह गया।
इस मौके पर प्राचार्य अनुपम ने सभी बच्चों के हुनर और उनकेआत्मविश्वास की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “कक्षा पहली केइतने छोटे बच्चों द्वारा मंच पर इस तरह का उत्कृष्ट प्रदर्शन करना बेहद गर्वकी बात है। स्कूल का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई के साथ–साथ उनकी छिपीहुई कला को भी बाहर लाना है।” उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने केलिए सभी शिक्षकों और सहयोग देने वाले अभिभावकों को बधाई दी।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।




