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हिन्दी भारतीय संस्कृति की आत्मा

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चौदह सितम्बर का दिन हर वर्ष हम हिन्दी दिवस के रूप में मनाते हैं।भारत के एक बड़े भूभाग में बोली और समझी जाने वाली भाषा हिन्दी मेंभारतीय संस्कृति की आत्मा बसी है। ये ऐसी जीवंत भाषा है जिसमेंअंतर्निहित रचनात्मक शक्ति है, व्यवहारधर्मिता है, और गतिमयता है।वास्तव में हिन्दी दुनिया की सबसे मधुर भाषा है। जितनी आसानी से हिन्दीभाषा में भावों को व्यक्त किया जा सकता है, उतना शायद संसार की कोईभी भाषा नहीं कर पाती। स्वतंत्रता की लड़ाई में भी हिन्दी ने एक हथियारका काम किया।

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हिन्दी को उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए शिमला के स्कूल कॉलेजविश्वविद्यालय में गूंजा हिन्दी का गौरव।शिमला के विभिन्न शिक्षणसंस्थानों में हिन्दी दिवस का वार्षिकोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनायागया। माध्यमिक पाठशाला दूँढी कण्डी के विद्यार्थियों ने हिन्दी भाषण, कविता लेखन और विचार के माध्यम से भाषा के महत्व को उजागरकिया। वहीं अन्य पब्लिक स्कूलों में भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों केमाध्यम से हिन्दी भाषा के महत्व को दर्शाया गया। स्वर्ण पुब्लिक स्कूल मेंसांस्कृतिक प्र्स्तुतियो के माध्यम से हिंदी के महत्व को  उजागर किया

एसडी स्कूल शिमला (SD School Shimla) में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को हिंदी दिव पर हिंदी के गौरवशाली इतिहास और साहित्य की जानकारी दी गई।

1950 में भारत का संविधान पारित होने के साथ ही हिन्दी कोराष्ट्रभाषा तथा संपर्क भाषा के रूप में सर्वमान्य किया गया। उस दिन कीस्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए ही 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस उत्साहके साथ हिन्दी भाषी प्रदेशों में मनाया जाता रहा है। भारत में लगभग 18करोड़ लोग अपना कर मातृभाषा के रूप में सम्मान देते हैं। इसके अलावाकरीब 30 करोड़ लोग हिन्दी को द्वितीय प्राथमिकता प्रदान करते हैं। भारतके बाहर भी हिन्दी बोलने वालों की संख्या कम नहीं है। हिन्दी केवल भारतकी सीमाओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसकी जड़ें विदेशों में भी फैलीहुई हैं।

हिन्दी की शुरुआत सातवीं सदी में अपभ्रंश के रूप में हुई और 10 वींसदी तक इसने अपनी जड़ें गहरे तक जमा लीं। 19वीं सदी में खड़ी बोलीके रूप में मान्यता मिलने से पहले ब्रजभाषा को हिन्दी का ही रूप मानाजाता था। हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव:

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अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिन्दी को बढ़ावा देना। हिन्दी भाषा मेंअंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, संगोष्ठियों, सामूहिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलनऔर ऐसे अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करना। विशेष जयंतियों पर हिन्दीभाषा में कवि सम्मेलन आयोजित किये जाएं

पूरे विश्व में उन विश्वविद्यालयों में हिन्दी पीठों की स्थापना करना, जहां ऐसे पीठ अभी विद्यमान नहीं हैं।

एक अंतरराष्ट्रीय हिन्दी पुस्तकालय (प्रिंट एवं श्रव्य दृश्य कीस्थापना) विश्व में चुनिंदा जगहों पर अंतरराष्ट्रीय हिन्दी पुस्तक प्रदर्शनीएवं कंप्यूटर प्रदर्शनी का आयोजन।

रेडियो हिन्दी भाषा को जागरूक रखने का एक सशक्त माध्यम है, क्योंकि रेडियो पर प्रसारित अधिकतर कार्यक्रम जैसे वार्ता, नाटक, युवावाणी सभी हिन्दी में ही प्रसारित होते हैं। वेद, ग्रंथ, उपनिषद तो हमारीसंस्कृति को संजोए हुए हैं। हिन्दी के समाचार पत्रों की संख्या अंग्रेजी केसमाचार पत्रों से कहीं ज्यादा है।

हमें केवल हिन्दी दिवस को 14 सितम्बर तक ही सीमित रख करइसका राष्ट्र भाषा के रूप में समुचित विकास के लिए प्रयास करने होंगे।अब समय गया है कि देश का बुद्धिजीवी वर्ग मिल बैठ कर अपनीराष्ट्रभाषा की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करे, जनमानस को इसकेप्रति सचेत करे। विचार करे कि क्या हिन्दी को जो स्थान मिलना चाहिएथा, मिला या नहीं, साथ ही देश में एक ऐसा वातावरण तैयार करना होगाकि सभी भारतवासी हिन्दी का प्रयोग गर्व से करें। वस्तुतः हिन्दी दम्भ, विद्वेष, विघटन से दूर रह कर एकता और प्रेम की शिक्षा दे।

जसवीर सूद (डिम्पल )

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

हिन्दी को उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए शिमला के कॉलेज विश्वविद्यालय से गौरव, रेंगरड़ा वार्षिकोत्सव के साथ मनायामाध्यमिक पाठशाला दूँढी कण्डी के विद्यार्थियों ने हिन्दी भाषण, कविता लेखन और विचार के माध्यम से हमारी भाषा के महत्व को उजागर किया। पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम से हिन्दी भाषा के माध्यम से [..]किया। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धर्मपुर की शिक्षिकाओं ने शिमला में समूह इतिहास [..] स्कूल को हिन्दी के समृद्ध योगदान हमारी संस्कृति में इसके महत्व की जानकारी दी।कार्यक्रम में [..] ने यह संदेश दिया कि हिन्दी संवाद की भाषा नहीं बल्कि हमारी भावनाओं और विरासत से जोड़ने वाली है। युवाओं को पीढ़ी से हिन्दी सीखने और दैनिक जीवन में इसके उपयोग और अधिक प्रयोग का [..] सेइस हस्तलेख (Handwriting) में कुछ शब्द कटे हुए और अस्पष्ट हैं। इस लेख को बिना किसी गलती के पूरा करने के लिए क्या आप:छूटे हुए वाक्यों के मुख्य विषय (जैसे: किसी खास स्कूल या कार्यक्रम का नाम) के बारे में बता सकते हैं?इसकी साफ तस्वीर या छूटे हुए शब्दों को लिखकर भेज सकते हैं?

Deepika Sharma

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