आपदा से प्रभावित योजनाओं की मरम्मत के प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर भेजें : उपायुक्त

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला स्तर पर प्रदेश सरकार द्वारा आपदा से प्रभावित योजनाओं की मरम्मत के लिए बजट का प्रावधान किया गया है, लेकिन फील्ड से अपेक्षित संख्या में पूर्ण प्रस्ताव प्राप्त नहीं हो रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए कि वे ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर पूर्ण दस्तावेजों सहित प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिन विकास कार्यों के लिए एलओसी (Letter of Credit) जारी की जानी है, उनकी प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाए, ताकि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।
उपायुक्त ने एमपी लैड के तहत स्वीकृत कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित ऐसे कार्यों को शीघ्र शुरू करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्वीकृत अनेक कार्य अभी तक आरंभ नहीं हो पाए हैं, इसलिए संबंधित अधिकारी इन कार्यों की प्रगति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित कोई भी जानकारी अथवा रिपोर्ट जिला स्तर से मांगी जाती है तो उसे दो दिन के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट भेजने में देरी होने से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं मरम्मत कार्यों की प्रक्रिया प्रभावित होती है और आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उपायुक्त ने कहा कि आपदा से प्रभावित योजनाओं एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी फीडबैक और सुझाव लिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर जिला उपायुक्त कार्यालय को भेजे जाएं, ताकि वास्तविक जरूरत वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर बजट उपलब्ध करवाया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्ञान सागर नेगी, जिला योजना अधिकारी डॉ. निवेदिता नेगी, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज सहित जिला भर के विभिन्न विभागों के आला अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।



