मीमांसा 2026 का उत्साहपूर्ण आगाज़, युवा पाठकों, लेखकों और कलाकारों ने बिखेरी रचनात्मकता

हिमाचल प्रदेश सरकार के भाषा एवं संस्कृति विभाग तथा कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट, शिमला के संयुक्ततत्वावधान में आयोजित मीमांसा – बाल साहित्य महोत्सव 2026 के चौथे संस्करण का बुधवार को ऐतिहासिकगेयटी परिसर, शिमला में उत्साहपूर्ण आगाज़ हुआ। साहित्य, कला, कहानी–किस्सागोई, रचनात्मक अभिव्यक्तिऔर युवा प्रतिभाओं से सजे इस तीन दिवसीय महोत्सव ने पहले ही दिन बच्चों और युवाओं को अपनी ओरआकर्षित किया। महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन सुप्रसिद्ध लेखिका एवं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त वॉयसआर्टिस्ट शोभा थरूर श्रीनिवासन ने किया। समापन समारोह की मुख्य अतिथि नलिनी रामाचंद्रन हैं, जबकिप्रसिद्ध कार्टूनिस्ट एवं इलस्ट्रेटर अजीत नारायण विशिष्ट अतिथि के रूप में महोत्सव से जुड़े हैं। उद्घाटन अवसरपर बच्चों में पढ़ने की आदत, रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और स्वतंत्र चिंतन को बढ़ावा देने की आवश्यकतापर विशेष बल दिया गया।

19 से 21 अगस्त तक चलने वाले इस महोत्सव के पहले दिन विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों नेविभिन्न प्रतियोगिताओं, पुस्तक चर्चाओं और रचनात्मक कार्यशालाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। दिन कीशुरुआत कक्षा 5 से 7 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित अंतरविद्यालयीय भाषण प्रतियोगिता (Declamation Competition) से हुई। युवा वक्ताओं ने शिक्षा, तकनीक, पुस्तकों, जीवन–मूल्यों और भविष्य जैसे विषयों परपूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता का निर्णयन पूजा प्रियंवदा, आरती गुप्ता औरडॉ. ऋतु शर्मा ने किया तथा प्रतिभागियों को स्पष्टता, आत्मविश्वास, उच्चारण, स्वर–उतार–चढ़ाव और प्रभावीप्रस्तुति के लिए प्रेरित किया।
तीन दिनों के दौरान मीमांसा 2026 में शिमला तथा प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों औरविश्वविद्यालयों से 350 से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इनमें स्वर्ण पब्लिक हाई स्कूल, दून वैली पब्लिकस्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, सरस्वती शिक्षा मंदिर हाई स्कूल शानन, मोनाल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ऑकलैंड हाउस स्कूल फॉर बॉयज़, ऑकलैंड हाउस स्कूल, संभोटा तिब्बतन स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूलशिमला, सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, दयानंद पब्लिक स्कूल, मोनाल पब्लिक स्कूल, जीएसएसएस बागी, ईसीआई शैलेट डे स्कूल, सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट, सेंट एडवर्ड्स स्कूल, लोरेटो कॉन्वेंट ताराहॉल, एसवीजीसी घुमारवीं, चैप्सली स्कूल, जीएसएसएस मझार और आर्यन पब्लिक स्कूल सुन्नी शामिल हैं।
उच्च शिक्षा संस्थानों से भी विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। इनमें राजकीयमहाविद्यालय मंडी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस राजकीय महाविद्यालय संजौली, राजकीय कन्या महाविद्यालय(आरकेएमवी), हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, कोटशेरा कॉलेज और सेंट बेड्स कॉलेज प्रमुख हैं। इन संस्थानोंकी भागीदारी महोत्सव को एक महत्वपूर्ण अंतरपीढ़ी संवाद का मंच प्रदान कर रही है, जहां स्कूली विद्यार्थी, कॉलेज छात्र, युवा लेखक, पाठक और कलाकार एक साथ सीख और विचार साझा कर रहे हैं।
पहले दिन के प्रमुख आकर्षणों में पुस्तक चर्चाएं रहीं। पहली चर्चा लेखक रणजोध सिंह की पुस्तक मैली कमीज़पर हुई, जिसमें डॉ. आशू खोसला ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई और युवा पाठकों सुजल शर्मा, आहाना औरशगुन रणोट ने लेखक से संवाद किया। बातचीत के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तक के विषय, विचार औरकथ्य को समझने का अवसर मिला।
दूसरे पुस्तक सत्र में लेखिका मीनाक्षी चौधरी, डॉ. मीनाक्षी फेथ पॉल तथा युवा सह–लेखिकाओं शगुन रणोटऔर मिडोरी दास ने Is The House Haunted? और The Humility of Lies पर चर्चा की। कीकली के‘कीकलीज़ एंजल्स’ कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित इन पुस्तकों ने बच्चों को लेखन से प्रकाशन तक की यात्रासमझने और युवा लेखकों के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
एक विशेष आकर्षण सुप्रसिद्ध लेखिका शोभा थरूर श्रीनिवासन का सत्र रहा, जिसका संचालन वरिष्ठ स्तंभकारएवं रंगकर्मी श्रीनिवास जोशी ने किया। युवा पाठकों लक्षित और दक्ष ने उनके साथ संवाद करते हुए Let’s Use Our Words तथा Haiku, Me and You (I Love You) के माध्यम से भाषा, कविता और रचनात्मकअभिव्यक्ति की संभावनाओं को जाना।
वरिष्ठ विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रपति के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित फिल्मकार विवेक मोहन ने ‘Books to Script’ कार्यशाला आयोजित की। विद्यार्थियों ने सीखा कि किसी लिखित कहानी को प्रभावशाली दृश्य–पटकथा में किस प्रकार बदला जा सकता है। इस कार्यशाला का अगला चरण दूसरे दिन होने वालीप्रतियोगिता होगी, जिसमें प्रतिभागी अपनी तैयार पटकथाओं की प्रस्तुति देंगे।
‘Fantasy Factory’ पर आयोजित सत्र में डॉ. उषा बांडे, युवा लेखक अश्मिता और अन्वेषा तथा उभरते लेखकोंकाइना तनेजा, सेजल किमटा और स्नेहा हर्नोट ने भाग लिया। इस सत्र ने युवा साहित्यिक प्रतिभाओं को अपनीरचनात्मक यात्रा आगे बढ़ाने और प्रकाशन की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
दोपहर में प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट अजीत नारायण ने ‘Fun With Art: Cartoons in Books’ सत्र के माध्यम सेबच्चों को कार्टून और दृश्य–कहानी की दुनिया से परिचित कराया। राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला कीयुवा कलाकार साक्षी भी इस सत्र का हिस्सा रहीं। अजीत नारायण ने बताया कि सरल रेखाओं, भाव–भंगिमाओंऔर कल्पना के माध्यम से किस प्रकार प्रभावशाली पात्र और कहानियां बनाई जा सकती हैं। इसके बादअंतरविद्यालयीय एवं महाविद्यालय स्तरीय कला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसका निर्णयन डॉ. अंजनाभारद्वाज और डॉ. भादर सिंह ने किया।
दिन का समापन कविता कार्यशाला के साथ हुआ, जिसमें डॉ. मीनाक्षी फेथ पॉल और हिंदी कवि आत्मा रंजन नेविद्यार्थियों के साथ संवाद किया। पाठ, चर्चा और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने कल्पना, भावनाओं, भाषा और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को कविता में ढालने का अभ्यास किया। युवा कवियों को अपनीमौलिक कविताएं साझा करने का अवसर भी मिला।
महोत्सव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस राजकीय महाविद्यालय संजौली, स्वर्ण पब्लिक स्कूल, दून वैली पब्लिकस्कूल, प्राकृति स्कूल, नोएडा, ईसीआई शैलेट डे स्कूल और राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला सहितअनेक संस्थानों के विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान किया है, जहां युवा पाठक, लेखक, शिक्षक औरकलाकार परस्पर संवाद कर रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, मीमांसा केवल बाल साहित्य का उत्सव नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जहां बच्चे पढ़ सकते हैं, सवाल पूछ सकते हैं, कल्पना कर सकते हैं, सृजन कर सकते हैं और अपनी आवाज़ पहचान सकते हैं। पहलेदिन बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पुस्तकों, कहानी, कविता, कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रतिउनकी बढ़ती रुचि को रेखांकित किया।
दूसरा दिन भी होगा उतना ही रोमांचक
पहले दिन की शानदार शुरुआत के बाद मीमांसा 2026 का दूसरा दिन भी साहित्य और रचनात्मक गतिविधियोंसे भरपूर रहेगा। प्रमुख आकर्षणों में Vocabulary and Language Skills Competition, Storytelling and Writing Workshop तथा Books to Script Final Competition शामिल हैं। विशेष रूप से Books to Script प्रतियोगिता में विद्यार्थी पहले दिन की कार्यशाला में तैयार की गई अपनी पटकथाओं को प्रस्तुत करेंगे।
आगामी दो दिनों में लेखक, शिक्षाविद्, कलाकार और युवा पाठक एक बार फिर एक मंच पर जुटेंगे।प्रतियोगिताओं, संवादों, कार्यशालाओं और रचनात्मक गतिविधियों की यह श्रृंखला मीमांसा 2026 को युवाओंकी कल्पना, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता का जीवंत उत्सव बना रही है।



