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25 वर्षों की सफलता का जश्न: JUIT वाकनाघाट के दीक्षांत समारोह में बांटी गईं 2244 उपाधियां

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25 वर्षों की सफलता का जश्न: JUIT वाकनाघाट के दीक्षांत समारोह में बांटी गईं 2244 उपाधियां

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वाकनाघाट, सोलन | 18 जुलाई 2026

जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेयूआईटी), वाकनाघाट ने 18 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय सभागार में अपना 7वाँ दीक्षांत समारोह गरिमापूर्ण एवं भव्य वातावरण में आयोजित किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों, स्नातक एवं शोध उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, संकाय सदस्यों, पूर्व छात्रों तथा आमंत्रित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल एवं जेयूआईटी के कुलाधिपति कविंदर गुप्ता थे। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) आर. के. शर्मा, कुलपति, जेयूआईटी, ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) आर. के. शर्मा, कुलसचिव, विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल एवं एकेडमिक काउंसिल के सदस्य भी उपस्थित रहे।

दीक्षांत समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके उपरांत माननीय कुलाधिपति द्वारा औपचारिक रूप से समारोह के प्रारंभ की घोषणा की गई।

अपने स्वागत उद्बोधन में प्रो. (डॉ.) आर. के. शर्मा, कुलपति ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग सहयोग, उद्यमिता, प्लेसमेंट, पेटेंट, शोध प्रकाशनों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में जेयूआईटी की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये रैंकिंग केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि नवाचार, शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान की सुदृढ़ संस्कृति के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब हैं। यही प्रतिबद्धता विद्यार्थियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्वकर्ता और परिवर्तनकारी नागरिक बनने के लिए तैयार करती है।

अपने दीक्षांत संबोधन में माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री काविंदर गुप्ता जी ने कहा कि जेयूआईटी उत्कृष्ट गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्रदान करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विश्वविद्यालय राज्य एवं देश के लिए योग्य, कुशल एवं सतत् मानव संसाधन तैयार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर अंकित एक सुंदर वाक्य—”परंपरा से प्रेरित, नवाचार से संचालित” (Inspired by Tradition, Driven by Innovation)—जेपी एजुस्फीयर की मूल भावना को अभिव्यक्त करता है। परंपरा हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है, जबकि नवाचार हमें नई ऊँचाइयों तक उड़ान

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भरने की शक्ति देता है। जो संस्थान अतीत की ज्ञान-परंपरा और भविष्य की असीम संभावनाओं को साथ लेकर चलता है, वही समय के साथ सदैव प्रासंगिक और सशक्त बना रहता है।

उन्होंने कहा कि आज जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, वाकनाघाट इसी दर्शन का सजीव उदाहरण है। वर्ष 2000 में हिमाचल प्रदेश सरकार और श्री जय प्रकाश गौर जी की साझा दूरदृष्टि से प्रारंभ हुआ यह सपना आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिसकी शाखाएँ इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विज्ञान तथा अत्याधुनिक अनुसंधान के विविध क्षेत्रों में फैल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वे इस परिसर में आते हैं तो उन्हें केवल भवन नहीं, बल्कि आकार लेते सपने, उपलब्धियों में बदलती आकांक्षाएँ तथा भविष्य का निर्माण करने के लिए तैयार होते युवा दिखाई देते हैं।

माननीय राज्यपाल ने अपने संबोधन में हिमालयी पर्वतीय क्षेत्रों के संरक्षण एवं उनके सतत प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया तथा औषधीय पौधों को अमूल्य प्राकृतिक संसाधन बताया। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहतर तैयारी, बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के विजन का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण तकनीकी उच्च शिक्षा प्रदान करते हुए 25 वर्षों की सफल यात्रा पूर्ण करने पर जेयूआईटी परिवार को हार्दिक बधाई दी।

दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 2,244 उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 1,966 बी.टेक., 3 समेकित (इंटीग्रेटेड) बी.टेक.-एम.टेक., 69 एम.टेक., 116 एम.एससी. तथा 90 पीएच.डी. उपाधियाँ शामिल थीं।

समारोह में वर्ष 2021, 2022, 2023, 2024 एवं 2025 के स्नातक बैचों के लिए कुलाधिपति स्वर्ण पदक (Chancellor’s Gold Medal) क्रमशः दिवाकर पालीवाल, जानकी इंसान, तान्या बंसल, सोनम पेल्ज़ोम तथा रजत शीतल को प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 43 कुलपति स्वर्ण पदक (Vice Chancellor’s Gold Medal) भी प्रदान किए गए।

दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक विद्यार्थियों ने दीक्षांत शपथ ग्रहण करते हुए व्यावसायिक नैतिकता, आजीवन सीखने की भावना तथा समाज के प्रति समर्पित सेवा का संकल्प लिया।

समारोह का समापन कुलपति द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. हेमंत सूद ने किया।

जेयूआईटी का 7वाँ दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की 25 वर्षों की उत्कृष्ट शैक्षणिक यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हुआ तथा इसने सक्षम पेशेवरों, शोधकर्ताओं, नवाचारकर्ताओं और उत्तरदायी वैश्विक नागरिकों के निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की अटूट प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।

Deepika Sharma

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