शिमला यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय समाचार चैनलों के साथ किए एमओयू

शिमला यूनिवर्सिटी (एपीजी) के स्कूल ऑफ मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय समाचार चैनलों न्यूज इंडिया 24×7 और नेशन-27 के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इन समझौतों का उद्देश्य मीडिया शिक्षा और पेशेवर समाचार उद्योग के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। एमओयू के तहत विद्यार्थियों को टेलीविजन न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, रिपोर्टिंग, एंकरिंग, समाचार निर्माण, संपादन, कैमरा संचालन, डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट निर्माण की बारीकियां समझने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इन साझेदारियों से कक्षा में दी जाने वाली सैद्धांतिक शिक्षा और मीडिया उद्योग की व्यावहारिक कार्यप्रणाली के बीच की दूरी कम होगी। विद्यार्थियों को विशेषज्ञ सत्रों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अनुभवी पत्रकारों, संपादकों, एंकरों, निर्माताओं और अन्य मीडिया पेशेवरों से संवाद करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
स्कूल ऑफ मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी शर्मा ने कहा कि स्कूल भविष्य में अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार चैनलों और मीडिया संस्थानों के साथ भी इसी प्रकार के समझौते करने की दिशा में कार्य करेगा।
उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों के साथ भविष्य में और अधिक एमओयू करने की दिशा में प्रयासरत हैं। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित रूप से व्यावसायिक अनुभव प्रदान करना और उन्हें मीडिया उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।”
डॉ. शर्मा ने बताया कि स्कूल के विद्यार्थियों को प्रत्येक सेमेस्टर में दो सप्ताह की इंटर्नशिप के लिए मीडिया संस्थानों में भेजा जाएगा। इस इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को पेशेवर न्यूजरूम के वातावरण में कार्य करने तथा रिपोर्टिंग, समाचार संकलन, स्क्रिप्ट लेखन, वीडियो निर्माण, संपादन और प्रसारण का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि नियमित इंटर्नशिप से विद्यार्थी अपने सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू कर सकेंगे और आवश्यक व्यावसायिक कौशल विकसित करेंगे। इस पहल से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, संचार कौशल, टीम भावना, रचनात्मकता और मीडिया नैतिकता की समझ में भी सुधार होगा।
स्कूल की योजना विद्यार्थियों को केवल अंतिम सेमेस्टर में इंटर्नशिप करवाने के बजाय पूरे शैक्षणिक कार्यक्रम के दौरान लगातार उद्योग से जुड़ा अनुभव प्रदान करने की है। अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक सेमेस्टर में दो सप्ताह की इंटर्नशिप से विद्यार्थी पत्रकारिता और जनसंचार के विभिन्न क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से समझ सकेंगे।
इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थी न्यूजरूम की कार्यप्रणाली का अवलोकन करेंगे, फील्ड असाइनमेंट में भाग लेंगे तथा समाचार तैयार करने से लेकर उसके प्रसारण तक की पूरी प्रक्रिया को समझेंगे। उन्हें डिजिटल कंटेंट निर्माण, मोबाइल पत्रकारिता, सोशल मीडिया प्रबंधन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है।
विश्वविद्यालय ने दावा किया कि उसका स्कूल ऑफ मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन हिमाचल प्रदेश का पहला मीडिया स्कूल है, जिसने राष्ट्रीय समाचार चैनलों के साथ एमओयू किए हैं। इस उपलब्धि को प्रदेश में मीडिया शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।
न्यूज इंडिया 24×7 और नेशन-27 के साथ हुए इन समझौतों के तहत विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं, व्यावहारिक असाइनमेंट और कार्यरत मीडिया पेशेवरों के साथ संवाद जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इनसे विद्यार्थियों को मीडिया उद्योग के वर्तमान रुझानों और रोजगार से जुड़ी आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त होगी।
इन साझेदारियों से विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। मीडिया संस्थानों के साथ नियमित संवाद से विद्यार्थी पेशेवर संपर्क स्थापित कर सकेंगे और टेलीविजन, प्रिंट, रेडियो, डिजिटल मीडिया, विज्ञापन, जनसंपर्क, फिल्म निर्माण तथा कॉरपोरेट संचार जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए आवश्यक कौशल को समझ सकेंगे।
स्कूल ऑफ मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन ने कहा कि वह व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने और कुशल, जिम्मेदार तथा उद्योग के लिए तैयार मीडिया पेशेवर तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक और करियर संबंधी अवसर प्रदान करने के लिए भविष्य में अन्य प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ भी सहयोग स्थापित किया जाएगा।




