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‘एक पेड़ मां के नाम’ बनेगा जनआंदोलन, मिशन मोड पर जुटे वन और शिक्षा विभाग

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‘एक पेड़ मां के नाम’ बनेगा जनआंदोलन, मिशन मोड पर जुटे वन और शिक्षा विभाग

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*शिमला।*

‘एक पेड़ मां के नाम-3.0’ अभियान को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को वन विभाग मुख्यालय टालैंड, शिमला से एक राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) संजय सूद ने की। बैठक में समग्र शिक्षा निदेशक (आईएफएस) राजेश शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल आलोक प्रेम नागर, वन अरण्यपाल अनीश शर्मा, सुमित भारद्वाज सहित वन विभाग के विभिन्न डीएफओ उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक जीवन नेगी सहित प्रदेश के सभी जिलों के उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा), उपनिदेशक (उच्च शिक्षा) तथा उपनिदेशक (क्वालिटी कंट्रोल) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। इस दौरान समग्र शिक्षा के राज्य स्तरीय समन्वयक भी मौजूद रहे।

प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद ने वन विभाग के सभी सीसीएफ, सीएफ और डीएफओ को निर्देश दिए कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम-3.0’ अभियान को सफल बनाने के लिए समग्र शिक्षा और शिक्षा विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने सभी संबंधित डीएफओ को निर्देश दिए कि स्कूलों को समय पर पौधे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि अभियान को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

 

 

*11 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य, स्कूल बनेंगे हरित अभियान के केंद्र*

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समग्र शिक्षा निदेशक (आईएफएस) राजेश शर्मा ने समग्र शिक्षा और शिक्षा विभाग के सभी जिला अधिकारियों को अभियान को मिशन मोड पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने सभी अधिकारियों से स्कूल स्तर पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

बैठक में बताया गया कि वन विभाग प्रदेश के 16,998 विद्यालयों को करीब 11 लाख पौधे उपलब्ध कराएगा। जिन विद्यालयों में आवश्यकता होगी, वहां पौधारोपण के लिए वन भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए वन मित्रों (Van Mitras) की सेवाएं भी ली जाएंगी।

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से शुरू हुआ ‘एक पेड़ मां के नाम-3.0’ अभियान 30 सितंबर तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। बैठक में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक समन्वय एवं निगरानी व्यवस्था बनाने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत वन अरण्यपाल (CF) की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति में शिक्षा विभाग के उपनिदेशक (उच्च शिक्षा), उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा), उपनिदेशक (क्वालिटी कंट्रोल) तथा वन विभाग के तीन वन मंडलाधिकारी (DFO) सदस्य होंगे। यह समिति अभियान की योजना, विभागों के बीच समन्वय, प्रगति की नियमित समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

Deepika Sharma

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