असर विशेष: स्वास्थ्य महकमे के साथ अन्य अहम कार्यालय तक पहुंचना नहीं आसान
कसूमपटी में बहुत जाम, पैदल चलने वालों को भी आफत

राजधानी शिमला में लगने वाले ट्रैफिक जाम से स्थानीय लोगों और पर्यटकों की बड़ी परेशानियां….
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ट्रैफिक की समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही हैं। शहर में बहुत से ऐसे स्थान हैं जहां पर ट्रैफिक की समस्या बहुत ज्यादा है। जिसमें कुसुमपट्टी क्षेत्र में बहुत जाम लग रहा है जहां पर स्वास्थ्य महकमे के साथ अन्य अहम कार्यालय है। इधर सड़क पर चलना भी आम लोगों को मुश्किल हो रहा है

शिमला पुलिस ने ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए शिमला ट्रैफिक एंड मैनेजमेंट प्लान बनाया। बावजूद इसके ट्रैफिक जाम से कोई निजात नहीं मिल पाई है।
शहर में जाम लगने का मुख्य कारण सड़क किनारे बेढंग से खड़ी की गई गाड़ियां हैं। जिस वजह से लोगों को घंटों ट्रैफिक में इंतजार करना पड़ता है। हालांकि शिमला पुलिस ऐसे लोगों के चालान भी काटती है, लेकिन कुछ लोग फिर भी नियमों की अवहेलना करते हैं।
मुख्य मार्गों के साथ-साथ शहर के उपनगरों की शायद ही कोई ऐसी सड़क होगी जहां पर ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं है। आम आदमी घंटो जाम में फंसा रहता है। शिमला के छोटा-शिमला कसुमप्टी मार्ग पर आज सभी छोटे वाहन इस तरह कतार में ट्रैफिक जाम में फंसे हुए थे कि वहां से पैदल चलने वाले यात्रियों का निकलना भी मुश्किल हो गया।देखा जाए तो सरकार की 80 फीसदी से ज्यादा नौकरशाही इसी सड़क का इस्तेमाल करती है। परंतु फिर भी कसुमप्टी की सड़कों के हालात कुछ इस तरह के है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार दिन प्रतिदिन लगने वाले ट्रैफिक जाम को नजर अंदाज करने की कोशिश बिल्कुल ना करें। इससे सभी लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।वहीं, जो लोग सड़कों पर बेढंग से वाहनों को खड़ा करते हैं, उनके चालान भी किए जा रहे हैं।
असर टीम से भारती की रिपोर्ट…



