खास खबर : 108 व 102 एम्बुलेंस में कार्यरत कर्मचारी अपनी की नौकरी सुरक्षा के लिए परेशान….

हिमाचल प्रदेश 108 व 102 एम्बुलेंस से जुड़े समस्त कर्मचारी EMT, Pilots & Captains अपनी नौकरी की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हैं। सभी कर्मचारी अपनी युनियन के माध्यम से हिमचात प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य विभाग हिमाचल प्रदेश, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हि०प्र० को अपनी नौकरी की सुरक्षा के लिए एक प्रार्थना पत्र दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय एम्बुलेंस 108 व जननी एक्सप्रेस 102 में वर्ष 2010 से पुरी कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी के साथ आपातकालीन स्थिति में पीडित लोगों को Pro Hospital Care देते हुए उन्हें अस्पतालों में दाखिल करवा रहे है। 25 दिसम्बर 2010 से अभी तक सभी कर्मचारियों ने लाखो लोगों की जान बचाई है जिसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कर्मचारियों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए है। Covid-19 जैसी भयानक महामारी में भी हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग के साथ सबसे आगे रहकर सभी कर्मचारियों ने अपनी व अपने परिवार की परवाह किए बगैर हिमाचल के लोगों की जान बचाई है।
108 व 102 एम्बुलेंस में कार्यरत सभी कर्मचारी (EMT, Pilots & Captains) कुशल एवं प्रशिक्षित कर्मचारी है तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण का सारा खर्च हिमाचल प्रदेश सरकार ने उठाय था। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जिस GVK EMRI कम्पनी को हिमाचल में 108 व 102 एम्बुलेंस के संचालन की जिम्मेवारी सौंपी थी उस कम्पनी ने सभी EMT, Pilots & Captains का आर्थिक शोषण ही नहीं बल्की शारीरिक व मानसिक शोषण भी किया है, तथा अपनी दमनकारी तथा तानाशाही नितियों के माध्यम से श्रम कानूनों का उल्लंघन किया है। इसलिए सभी कर्मचारियों ने अपनी युनियन के माध्यम से हिमचात प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य विभाग हिमाचल प्रदेश, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हि०प्र० अवगत करा रहे हैं कि जब तक GVK EMRI कम्पनी हमारे Labor Authority / Competent Authority द्वारा निर्धारित मानदेय, निकाले गए कर्मचारी की बहाली, युनियन के पदाधिकारियों की बहाली तथा सरकारी खर्चे पर प्रशिक्षित हुए पुराने EMT एंव Pilots को जिस स्थान से निकाला गया था उसी स्थान पर पुनः बहाली नहीं करती है, तब तक GVK EMRI कम्पनी को हिमाचल छोड़कर जाने की अनुमति (NOC) प्रदान न की जाए, यदि हिमचाल प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य विभाग हिमाचल प्रदेश, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन GVK EMRI कम्पनी को हिमाचल छोड़ने की अनुमति (NOC) प्रदान करती है तो कर्मचारियों के अदालत द्वारा निर्धारित मानदेय, निफाले गए कर्मचारियों की बहाली, युनियन के पदाधिकारियों की बहाली तथा पुराने EMT एंव Pilots की बहाली की सारी जिम्मेदारी हिमाचल सरकार, स्वास्थ्य सचिव हि०प्र० तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की होंगी क्योंकि 108 व 102 योजना का प्रमुख नियोक्ता (Principal Employer) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा उच्च न्यायालय व श्रम न्यायालय में चल रहे विचाराधिन मुकदमों में प्रतिवादी (Respondents) भी है।
कर्मचारियों का कहना है कि जैसे ही सरकार ने Med swan Foundation कम्पनी को 108 व 102 एम्बुलेंस के संचालन की जिम्मेवारी सौंपने का निर्णय लिया वैसे ही कम्पनी ने समाचार पत्रों के माध्यम EMT, Pilots & Captains की भर्ती का विज्ञापन निकाल दिया जबकि 108 व 102 एम्बुलेंस में पहले से ही सरकारी खर्चे पर प्रशिक्षित 1100 कर्मचारी EMT, Pilots & Captains के पद पर सेवायें दे रहे है। जैसे ही पहले से कार्यरत कर्मचारियों ने यह विज्ञापन देखा तो उन्हें अपनी नौकरी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है कि कही यह नई कम्पनी उन्हें बाहर का रास्ता न दिखा दे। यदि इस योजना में पहले ही सरकारी खर्चे पर प्रशिक्षित 1100 कर्मचारी कार्य कर रहे है फिर Med swan Foundation कम्पनी लगभग 1050 कर्मचारियों की नई भर्ती हेतु विज्ञापन समाचार पत्रों में क्यों दे रही है।
108 व 102 एम्बुलेंस में कार्यरत सभी कर्मचारी वर्ग का कहना है कि यदि उनकी नौकरी सुरक्षा बारे लिखित रूप में जानकारी पत्र के माध्यम से महा सचिव विजय कुमार को दी जाए, यदि हमारी नौकरी सुरक्षा बारे लिखित रूप में जानकारी दो दिन के अन्दर प्रमुख नियोक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा नहीं दी जाती है तो अग्रिम कार्यवाही की जिम्मेवारी प्रमुख नियोक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल सरकार, स्वास्थ्य सचिव हि०प्र० की होंगी।
