संस्कृति

भारतीय सैन्य शक्ति के पुनर्जागरण कालखंड के सबसे शूरवीर योद्धा थे जनरल जोरावर सिंह

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राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में महान सेनानायक जनरल ज़ोरावर सिंह के योगदान को मेजर जनरल जी डी बक्शी ने हिमाचल कला, संस्कृति, भाषा अकादमी के लाइव कार्यक्रम में विस्तारपूर्वक बताया।

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उन्होंने जनरल जोरावर सिंह की सैन्य अभियानों के संदर्भ में एवं उनके व्यक्तित्व सहित विश्व के सैन्य इतिहास में जनरल जोरावर सिंह के विषय में विस्तार से दशकों एवं श्रोताओं के बीच जानकारियां साझा किया।जनरल डा. जी डी बक्शी ने कहा कि विश्व के सैन्य इतिहास में 4000 फुट की उंचाई पर युद्ध का विवरण मिलता है । इस दृष्टि से जनरल जोरावर सिंह ने चीनी और तिब्बती सेना के साथ 14000 फुट की बर्फीली चोटियों पर जो निर्णायक युद्ध लडा वह विश्व के सैन्य इतिहास में सर्वोच्च स्थान रखता है। जनरल जोरावर सिंह ने डोगरा वीरों और लद्दाखी सेनानियों की सेना का एक मजबूत संगठन बनाया और मात्र दो हजार जांबाज सैनिकों के साथ दस हजार चीनी और तिब्बती सैनिकों की विशाल सेना के साथ भयंकर युद्ध किया।

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उन्होंने कहा कि जर्नल जोरावर सिंह अद्भुत पहाड़ी योद्धा थे। उन्होंने हिमाचल ,जम्मू के लोगों से अपील की कि वे वीर योद्धा की जयंती मानने व इनसे जुड़ी गाथाओं को जन जन तक पहुंचने के लिया सरकार से संवाद कायम करे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से इस सम्बन्ध में बात करेंगे ताकी देश की भावी पीढ़ी को इस महान योद्धा की जानकारी मिल सके। कार्यक्रम का संचालन व सम्पादन हितेन्द्र शर्मा ने किया, अकादमी के सचिव डाॅ. कर्म सिंह ने सभी का आभार प्रकट कर कार्यक्रम को सफल एवं ऐतिहासिक बताया।

Deepika Sharma

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