डीजीपी अशोक तेवारी का युवाओं से आह्वान—चिट्टा को कहें ना, सड़क पर रहें सुरक्षित और 112 याद रखें

युवा खिलाड़ी नशे के खिलाफ लड़ाई में बनें हिमाचल की आवाज, सड़क सुरक्षा को भी दें प्राथमिकता
शिमला, 25 अक्टूबर 2026:
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने युवाओं से नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने और हिमाचल प्रदेश को सुरक्षित, स्वस्थ एवं नशामुक्त बनाने में योगदान देने का आह्वान किया है।
हिमाचल प्रदेश माउंटेन बाइकिंग एसोसिएशन (HASTPA) द्वारा आयोजित माउंटेन बाइकिंग कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री अशोक तेवारी, IPS ने प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने साहसिक खेलों के प्रति युवाओं के उत्साह और समर्पण की सराहना की।
डीजीपी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने खूबसूरत पहाड़ों, जंगलों और घाटियों के कारण साहसिक खेलों के लिए एक प्राकृतिक स्वर्ग है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की असली खूबसूरती केवल इसके प्राकृतिक नजारों में नहीं, बल्कि यहां के लोगों की सादगी, ईमानदारी और अतिथि सत्कार में भी है।
HASTPA द्वारा पिछले 21 वर्षों से माउंटेन बाइकिंग और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए डीजीपी ने कहा, “पहाड़ों में सबसे बड़ी जीत किसी दूसरे प्रतियोगी को हराना नहीं, बल्कि अपनी सीमाओं पर विजय पाना है।”
जन सुरक्षा पर जोर देते हुए डीजीपी ने हिमाचल प्रदेश पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) में हुए महत्वपूर्ण सुधार का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर 34वें स्थान पर रही यह सेवा अब देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गई है।
उन्होंने ‘Track Me’ सुविधा के बारे में भी जानकारी दी, जो विशेष रूप से अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं और युवतियों के लिए उपयोगी है। उन्होंने सभी लोगों से अपने मोबाइल फोन में 112 नंबर सेव करने और कम से कम पांच अन्य लोगों को इस आपातकालीन सेवा के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सके।
सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए श्री तेवारी ने सभी सड़क उपयोगकर्ताओं से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, जिम्मेदारी से वाहन चलाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी बनाने की अपील की।
उन्होंने साइकिल चालकों और पर्यटकों से हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील पर्वतीय पर्यावरण की रक्षा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोग कूड़ा न फैलाएं और प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने में सहयोग करें।
डीजीपी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए HASTPA के अध्यक्ष श्री मोहित सूद और उनकी टीम की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने में हिमाचल प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और जवानों के योगदान की भी सराहना की।
अपने संबोधन के अंत में डीजीपी ने युवा खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने राज्यों, संस्थानों और समुदायों तक तीन महत्वपूर्ण संदेश लेकर जाएं और इन्हें अपने दोस्तों, विशेषकर नशे की चपेट में आने के खतरे वाले युवाओं तक पहुंचाएं:
“चिट्टा को कहें ना, सड़क पर रहें सुरक्षित और हर आपात स्थिति में 112 याद रखें।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के एंटी-चिट्टा जन आंदोलन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त हिमाचल प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण हे



