बड़ी ख़बर: IGMC शिमला से AIMSS चमियाना में बिना तैयारी तबादले पर बवाल, डॉक्टर संघ ने सरकार को दिया 10 सूत्रीय मांग-पत्र
मरीजों को दो कैंपस के बीच भटकना पड़ रहा है, डॉक्टरों में भारी रोष*


शिमला, 15 अक्टूबर।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला और गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज के शिक्षक संघ SAMDCOT ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ का आरोप है कि बिना किसी योजना और सुविधा के IGMC से फैकल्टी, यूनिट और विभागों को AIMSS चमियाना शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे मरीजों की देखभाल और पढ़ाई दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
14 और 15 अक्टूबर को हुई जनरल बॉडी मीटिंग के बाद संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
मरीजों की परेशानी बढ़ी
संघ ने बताया कि गायनोकोलॉजी जैसी जरूरी सेवाओं को बिना अतिरिक्त स्टाफ, बेड और सपोर्ट सिस्टम के चमियाना भेजा जा रहा है। IGMC लक्कड़ बाजार और चमियाना के बीच कोई तय रेफरल सिस्टम नहीं है। ऐसे में गंभीर, बुजुर्ग और ग्रामीण मरीजों को एक कैंपस से दूसरे कैंपस तक भटकना पड़ रहा है। इससे इलाज में देरी, शारीरिक परेशानी और आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
*डॉक्टरों के साथ भेदभाव का आरोप*
1. स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का NPA बंद किया जा रहा है, जबकि सुपर-स्पेशलिस्ट को दिया जा रहा है, जबकि दोनों की ड्यूटी एक समान है।
2. असिस्टेंट प्रोफेसरों को वेकेशन और एकेडमिक लीव से वंचित किया जा रहा है।
3. बिना स्पष्ट नियमों के कॉमन कैडर पॉलिसी लागू कर दी गई है, जिससे डॉक्टरों में असुरक्षा की भावना है।
4. चमियाना में पढ़ रहे DM/MCh छात्र अभी भी IGMC के नाम पर दर्ज हैं, क्योंकि NMC में AIMSS चमियाना को अलग संस्थान की मान्यता नहीं मिली है।
5. फैकल्टी को रिसर्च कॉन्फ्रेंस के लिए मिलने वाली फंडिंग बंद कर दी गई है।
*संघ की 10 प्रमुख मांगें*
1. IGMC से चमियाना ट्रांसफर पर तुरंत रोक और 2 माह की रोटेशनल नीति।
2. पहले हुए सभी तबादलों की समीक्षा।
3. चमियाना के लिए IGMC से स्टाफ लेने की बजाय नई नियमित भर्ती।
4. स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और डॉक्टरों की जॉइंट हाई-लेवल कमेटी का गठन।
5. NMC नियमों का सख्ती से पालन।
6. दोनों कैंपस के बीच रेफरल, ट्रांसपोर्ट और जांच का पुख्ता सिस्टम।
7. NPA और अवकाश नीति सबके लिए एक समान।
8. कैडर पॉलिसी में पारदर्शी नियम।
9. बड़े प्रशासनिक फैसलों से पहले विभागाध्यक्षों से सलाह।
10. समयबद्ध रोडमैप जारी करना।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उन्हें लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध करने पर मजबूर होना पड़ेगा।



