बड़ी खबर: राज्य शिक्षक पुरस्कार चयन पर उठे सवाल, अधिसूचना और अंतिम सूची के बीच तुलना की मांग
शिमला।
हिमाचल प्रदेश में राज्य शिक्षक पुरस्कार-2026 की चयन प्रक्रिया को लेकर अब पारदर्शिता और निर्धारित मानदंडों के पालन का मुद्दा सामने आया है। कुछ शिक्षकों की ओर से राज्यपाल को भेजे गए प्रतिनिधित्व में चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की गई है।
शिकायत में मुख्य रूप से अधिसूचना में निर्धारित पुरस्कारों की संख्या, श्रेणीवार वितरण और अंतिम चयन सूची के बीच तुलना किए जाने की मांग उठाई गई है। प्रारंभिक अधिसूचना में सामान्य क्षेत्र, जनजातीय/कठिन क्षेत्र और विशेष पुरस्कारों के लिए अलग-अलग प्रावधान बताए गए थे। वहीं अंतिम चयन में स्कूल शिक्षा क्षेत्र से 21 और उच्च शिक्षा से पांच शिक्षकों सहित कुल 26 शिक्षकों के नाम तय किए गए हैं। स्कूल श्रेणी में 15 सामान्य और छह विशेष पुरस्कार दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रतिनिधित्व में यह भी सवाल उठाया गया है कि विशेष पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले कुछ अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सामान्य पुरस्कार श्रेणी में शामिल किए जाने की स्थिति में क्या सभी अभ्यर्थियों पर समान मापदंड लागू किए गए। शिकायतकर्ताओं ने श्रेणी परिवर्तन के आधार और इसकी अनुमति से जुड़े नियमों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
एक अन्य मुद्दा पूर्व में राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षक की दोबारा पात्रता से जुड़ा है। प्रतिनिधित्व में संबंधित पात्रता शर्तों की जांच करने और यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि अंतिम चयन के दौरान अधिसूचना में दिए गए सभी पात्रता नियमों का समान रूप से पालन हुआ या नहीं।
शिकायतकर्ताओं ने चयन प्रक्रिया के तीन प्रमुख चरणों—पात्रता जांच, शॉर्टलिस्टिंग तथा प्रस्तुतीकरण/साक्षात्कार—के रिकॉर्ड की समीक्षा की मांग की है। अधिसूचना के अनुसार अंतिम चयन से पहले निर्धारित मानदंडों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग और फिर प्रस्तुतीकरण एवं साक्षात्कार की प्रक्रिया रखी गई थी।
ऐसे में अब विवाद का केंद्र किसी एक शिक्षक का चयन नहीं, बल्कि अधिसूचित नियमों और अंतिम परिणाम के बीच तुलनात्मक समीक्षा बन गया है। शिकायतकर्ताओं ने प्रत्येक अभ्यर्थी के मूल्यांकन, अंक, श्रेणी और अंतिम मेरिट की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि सभी उम्मीदवारों के लिए समान प्रक्रिया अपनाई गई थी।
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस वर्ष 51 शिक्षकों के साक्षात्कार और प्रस्तुतीकरण के बाद चयन किया गया है तथा चयनित शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर सम्मानित किया जाना है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग शिकायत में उठाए गए सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या चयन प्रक्रिया के रिकॉर्ड की स्वतंत्र अथवा विभागीय स्तर पर समीक्षा की जाती है। शिक्षक पुरस्कार की प्रतिष्ठा और शिक्षकों के भरोसे को देखते हुए नियम, प्रक्रिया और अंतिम चयन के बीच पारदर्शी तुलना इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बन गई है।



