पारंपरिक वेशभूषा, लोककला और व्यंजन… मशोबरा स्कूल में सजी भारत की सांस्कृतिक तस्वीर

पारंपरिक वेशभूषा, लोककला और व्यंजन… मशोबरा स्कूल में सजी भारत की सांस्कृतिक तस्वीर

मशोबरा, 04 अगस्त : राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मशोबरा में आज ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश एवं केरल की संस्कृति, कला एवं पारंपरिक व्यंजनों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बनवारी लाल ने किया।
इस अवसर पर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ विद्यालय प्रभारी डॉ अनुकंपा ठाकुर ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पहल विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक विविधता से जोड़ते हुए राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं समृता एवं साक्षी ने क्रमशः केरल एवं हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक वेशभूषा में दोनों राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए किया। विद्यालय के चारों सदनों—डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सदन, जनरल बिपिन रावत सदन, कल्पना चावला सदन तथा मेजर ध्यानचंद सदन—के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हिमाचल एवं केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों ने हिमाचली धाम एवं केरल सद्या के अंतर्गत सिड्डू, मक्की की रोटी, मदरा, सेपू बड़ी, बबरू, अप्पम, पुट्टू, अवियल, पायसम, केले के चिप्स तथा अन्य पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी एवं निर्माण प्रदर्शन किया। साथ ही हिमाचल की पहाड़ी लघु चित्रकला तथा केरल की कथकली मास्क निर्माण कला का भी सुंदर प्रदर्शन किया गया, जिसने सभी दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
अपने संबोधन में प्रधानाचार्य श्री बनवारी लाल ने कहा कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत भारत की विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में विभिन्न संस्कृतियों के प्रति सम्मान, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं।”
कार्यक्रम में डॉ. धर्म प्रकाश, उपासना देष्टा तथा श्री मोहन लाल (प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा) ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, परिश्रम एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए इस प्रदर्शनी को अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ हुआ।




