शाबाश; राष्ट्रपति भवन से रांची तक पहुंचा हिमाचली जायके का सफर
पारंपरिक व्यंजनों की होगी खास प्रस्तुति

रांची। हिमाचल प्रदेश की समृद्ध पारंपरिक पाक विरासत को देशभर में पहचान दिलाने का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति भवन की प्रतिष्ठित रसोई से लेकर अब झारखंड की राजधानी रांची तक हिमाचली पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू पहुंच रही है।
हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक पाक कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पैन IIT कौशल कॉलेज, रांची में हिमाचली व्यंजनों की विशेष प्रस्तुति और मूल्यांकन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर शेफ नंद लाल शर्मा को आमंत्रित किया गया है। वह कार्यक्रम में मूल्यांकन करने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के प्रामाणिक पारंपरिक व्यंजनों का प्रदर्शन भी करेंगे।
हिमाचली खान-पान की विविधता और इसकी पारंपरिक विधियों को देश के उभरते हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स के सामने प्रस्तुत करने का यह अवसर प्रदेश के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनों और झारखंड की स्थानीय एवं जनजातीय पाक परंपराओंके बीच समानताओं को भी सामने लाया जाएगा।
दोनों राज्यों की खाद्य संस्कृति में स्थानीय उत्पादों, मौसम के अनुरूप भोजन, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से देश की अलग-अलग क्षेत्रीय पाक परंपराओं के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को भी समझने का अवसर मिलता है।
इस पहल का उद्देश्य केवल पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध खाद्य विरासत को संरक्षित, पुनर्जीवित और नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। हिमाचल के पारंपरिक स्वाद को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में रांची का यह आयोजन एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
हिमाचल के पारंपरिक जायके को राष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और पाक विरासत के लिए गौरव का विषय है।



