ब्रेकिंग-न्यूज़

जेयूआईटी में एचपीपीडब्ल्यूडी अभियंताओं को STAAD.Pro का प्रशिक्षण, 23 इंजीनियरों ने लिया हिस्सा

WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (1)
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.21
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (2)

जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (JUIT), वाकनाघाट के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (HPPWD) के अभियंताओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हो गया। 28 से 30 जुलाई तक आयोजित इस प्रशिक्षण में 23 HPPWD अभियंताओं ने हिस्सा लिया।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

Design Optimization of RCC Structures and Shear Walls using STAAD.Pro” विषय पर आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य पर्वतीय और भूकंपीय परिस्थितियों में सुरक्षित, किफायती एवं बेहतर संरचनाओं के डिजाइन के लिए अभियंताओं को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर JUIT के कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. के. शर्मा, रजिस्ट्रार ब्रिगेडियर (डॉ.) आर. के. शर्मा, डीन (रिसर्च एंड इनोवेशन), डीन (एक्रेडिटेशन), सिविल इंजीनियरिंग विभाग के संकाय सदस्य, विद्यार्थी और HPPWD के अभियंता मौजूद रहे।

प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. तनमय गुप्ता ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में भूकंपीय प्रभाव, कठिन भू-भाग और निर्माण संबंधी चुनौतियों को देखते हुए संरचनात्मक डिजाइन में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उचित Structural Optimization और Shear Wall Placement से भवनों की सुरक्षा और भूकंपीय क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण सामग्री की अनावश्यक खपत को भी कम किया जा सकता है।

No Slide Found In Slider.

कुलपति प्रो. आर. के. शर्मा ने संरचनात्मक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्वदेशी इंजीनियरिंग टूल्स विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की अवसंरचना जरूरतों को देखते हुए सिविल इंजीनियरिंग परियोजनाओं में Machine Learning और अन्य उभरती डिजिटल तकनीकों का समावेश महत्वपूर्ण होगा।

तीन दिनों के दौरान अभियंताओं को STAAD.Pro में RCC Modeling, Structural Optimization, Seismic Analysis, Shear Wall एवं Shear Core Modelling, Torsional Behaviour, Storey Drift Control, Ductile Detailing, Model Verification, Troubleshooting और Design Output Interpretation सहित विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने विभिन्न मॉडल तैयार कर उनकी संरचनात्मक क्षमता और लागत प्रभावशीलता का तुलनात्मक अध्ययन भी किया।

कार्यक्रम में Thapar Institute of Engineering & Technology (TIET), पटियाला के प्रो. हिमांशु चावला और Intercontinental Consultants and Technocrats Pvt. Ltd. के Assistant Manager श्री अनुकूल कुमार ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने अनुभव साझा किए।

30 जुलाई को आयोजित Valedictory Session में सभी प्रतिभागी अभियंताओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष कुमार ने HPPWD और प्रतिभागी अभियंताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि JUIT और HPPWD के बीच इस अकादमिक-औद्योगिक सहयोग को आगे भी जारी रखा जाएगा तथा सिविल इंजीनियरिंग के आधुनिक क्षेत्रों में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण HPPWD अभियंताओं को अधिक सुरक्षित, किफायती और दक्ष RCC संरचनाओं के डिजाइन में मददगार साबित होगा और दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close