हिमाचल प्रदेश ने ‘ भारत औद्योगिक विकास योजना’ योजना केतहत 234 करोड़ रुपये के दो प्रमुख औद्योगिक पार्कों के प्रस्तावभेजे

प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए माननीयमुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप उद्योगविभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार ने भारत औद्योगिक विकासयोजना के अंतर्गत दो परियोजना प्रस्ताव उद्योग एवं आंतरिकव्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), भारत सरकार को भेजेहैं।
पहले प्रस्ताव के तहत जिला सोलन के नालागढ़ स्थितमंझोली औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 150 एकड़ भूमि पर 154 करोड़रुपये की अनुमानित लागत से प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्कविकसित किया जाना प्रस्तावित है। यह पार्कबद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र के औद्योगिकपारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिकानिभाएगा।
दूसरा प्रस्ताव जिला ऊना के टाहलीवाल के निकट बीटनऔद्योगिक क्षेत्र में लगभग 75 एकड़ भूमि पर 80 करोड़ रुपये कीअनुमानित लागत से एक अन्य प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्कविकसित करने के लिए भेजा गया है। यह प्रस्तावित औद्योगिकपार्क हरोली, ऊना में विकसित हो रहे बल्क ड्रग पार्क के निकटस्थित है और इसके लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी औद्योगिक तंत्रके रूप में कार्य करेगा।
भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग(डीपीआईआईटी) की भारत औद्योगिक विकास योजना काउद्देश्य प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया के माध्यम से विश्वस्तरीयआधारभूत संरचना, बहु–माध्यमीय संपर्क, विश्वसनीय उपयोगितासेवाएं, डिजिटल प्रशासन प्रणाली, सतत विकास संबंधी सुविधाएंतथा श्रमिक हितैषी सुविधाओं से युक्त निवेश के लिए तैयारऔद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। इस योजना केअंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए प्रति एकड़ एक करोड़रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रावधान है। डीपीआईआईटी, भारतसरकार ने योजना के प्रथम चरण में 20 औद्योगिक पार्कों के लिए31 जुलाई, 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए थे। योजना केअंतर्गत स्वीकृत औद्योगिक पार्कों का क्रियान्वयन राज्य सरकारतथा राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम(एनआईसीडीसी), भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से कियाजाएगा।
माननीय उद्योग मंत्री श्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य सरकारसुदृढ़ औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित करने के लिएप्रतिबद्ध है, जिससे सतत आर्थिक विकास को गति मिले, गुणवत्तापूर्ण निवेश आकर्षित हो तथा युवाओं के लिए बड़े पैमानेपर रोजगार के अवसर सृजित हों। उन्होंने कहा कि भारतऔद्योगिक विकास योजना के तहत भेजे गए ये प्रस्ताव हिमाचलप्रदेश के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत बनाने तथाप्रदेश को निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापितकरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
प्रधान सचिव (उद्योग) श्रीमती एम. सुधा ने बताया कि इन दोप्रस्तावों के अतिरिक्त विभाग राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिकप्लग एंड प्ले आधारभूत संरचना युक्त औद्योगिक क्षेत्रों के विकासके लिए अन्य भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया में भी है। उन्होंने कहाकि ये पहल औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ करेंगी, कारोबार सुगमता को बढ़ावा देंगी तथा हिमाचल प्रदेश में रोजगारसृजन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
उद्योग निदेशक श्री विवेक भाटिया ने बताया कि इन औद्योगिकपार्कों की स्थापना के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्धकराई जाएंगी।



