निर्देशों से पूर्व समुचित समय सारिणी बनाए शिक्षा विभाग:- प्रवक्ता संघ सिरमौर

हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ राज्य चेयरमैन सुरेन्द्र पुंडीर, जिला अध्यक्ष डॉ आई डी राही एवं समस्त जिला कार्यकारिणी ने शिक्षा विभाग द्वारा बार बार प्रवक्ताओं को विभिन्न कक्षाओं को पढ़ाने के निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा विभाग सभी विद्यालयों में सृजित सभी पदों के अनुकूल समय सारिणी बनाए जिसमें सभी शिक्षकों को उनके नियुक्ति एवं पदोन्नति नियमों के अनुकूल शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक कार्य का समुचित विभाजन किया जाए अन्यथा किसी भी प्रकार की जुगाड़ू व्यवस्था से विद्यार्थियों के शैक्षणिक वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा । प्रवक्ता संघ पदाधिकारियो ने कहा कि विभिन्न वर्ग के शिक्षकों को विभिन्न कक्षाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति के अनुकूल प्रशिक्षित किया जाता है। अतः नियमित रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों को उनसे सम्बंधित कक्षाओं को दिया जाना चाहिए। जहां तक छोटी कक्षाओं को पढ़ाने की बात है विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार सभी प्रवक्ता सभी कक्षाओं को पढ़ा रहे है परंतु सभी शिक्षकों के सृजित पदों के वावजूद भी यदि प्रवक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ लादा जाता है तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रवक्ताओं को विशेष विषय को पढ़ाने हेतु नियुक्त किया जाता है जबकि दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों हेतु पाठ्यक्रम में एक एक विषय में तीन- चार विषयों को समायोजित किया जाता है जैसे कला संकाय में इतिहास, लोक प्रशासन, राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र अर्थशास्त्र आदि। सभी विषय एक ही विषय सामाजिक अध्ययन में तथा विज्ञान संकाय के जीव विज्ञान,भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र आदि सभी विषय सामान्य विज्ञान में समायोजित है ऐसे हालात में पांच- पांच प्रवक्ता एक ही समय में एक ही कक्षा को कैसे पढ़ा सकते है । साथ ही यदि सभी विषयों को प्रवक्ताओं ने ही पढ़ाना हैं तो जिन शिक्षकों को छठी से दसवीं तक पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया है उन्हें क्या आंगनबाड़ी या प्री प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए भेजा जाएगा अथवा उनके सभी पदों को समाप्त किया जाएगा,विभाग को स्पष्ट करना चाहिए। दूसरी ओर छठी से दसवीं तक की कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों को मुख्याध्यापक पद पर भी पदोन्नति दी जाएगी क्या छठी से दसवीं तक की कक्षाओं को पढ़ाने वाले प्रवक्ताओं के लिए भी मुख्याध्याप की पदोन्नति का विकल्प होगा। सुरेन्द्र पुंडीर ने कहा कि इस प्रकार के आदेश तब तक व्यवहारिक रूप से प्रभावी नहीं हो सकते जब तक कि नियुक्ति एवं पदोन्नति नियमों में समुचित बदलाव नहीं होता ।
प्रवक्ता वर्ग को एक मात्र पदोन्नति का अवसर केवल और केवल विद्यालय प्रधानाचार्य पर ही उपलब्ध हैं जिसमें केवल 50%पद ही प्रवक्ताओं को मिल रहे है यदि सभी कक्षाओं को प्रवक्ताओं ने ही पढ़ाना हैं तो बाकी शिक्षकों के सृजित पदों का क्या होगा विभाग को यह भी स्पष्ट करना चाहिए।साथ ही छठी कक्षा से पढ़ाने वाले शिक्षकों को मुख्याध्यापक के पदों हेतु पदोन्नति के लिए पात्र मान जाता हैं उसी प्रकार अगर प्रवक्ताओं को छठी से पढ़ाना है तो उन्हें भी मुख्याध्यापक के पद पर पदोन्नति के अवसर मिलें जिस तरह टी जी टी के पास प्रवक्ता , मुख्याध्यापक, प्रधानाचार्य सहित तीन तीन पदोन्नति के अवसर उपलब्ध है।




