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नावग–लोअर भोंट सड़क पर अवैध डंपिंग का कहर, ग्रामीणों ने प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

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शिमला, 13 जून। राजधानी शिमला के लक्कड़ बाजार से सटी पंचायतों को जोड़ने वाली नावग–लोअर भोंट सड़क इन दिनों अवैध डंपिंग का केंद्र बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ ट्रक चालक और मलबा

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नावग–लोअर भोंट सड़क पर अवैध डंपिंग का कहर, ग्रामीणों ने प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
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परिवहनकर्ता रात के अंधेरे में सड़क किनारे तथा खड्ड के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मलबा फेंक रहे हैं। इससे जहां सड़क को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं पर्यावरण और किसानों की उपजाऊ भूमि भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दौरान यही मलबा बहकर नावग–भोंट खड्ड में पहुंच जाता है। खड्ड में पानी के तेज बहाव के साथ यह मलबा आसपास के गांवों की कृषि भूमि तक पहुंच रहा है, जिसके चलते नावग, कावी, भोंट, बगोड़ा, नेरी, क्रियाली तथा करांड सहित कई गांवों के खेत मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ भूमि लगातार बर्बाद हो रही है, जिससे उनकी आजीविका पर भी संकट गहरा गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध डंपिंग के कारण खड्ड और नालों का प्राकृतिक स्वरूप भी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर नदी-नालों ने अपना रास्ता बदल लिया है, जिसके चलते बरसाती पानी अब लोगों के खेतों से होकर गुजर रहा है और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या के बारे में कई बार संबंधित विभागों, विशेषकर वन विभाग, को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद केवल औपचारिकताएं पूरी कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि हल्की बारिश के बाद भी मलबा सड़क पर आ जाता है, जिससे सड़क यातायात के लिए बाधित हो जाती है। इसका सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों तथा दूध और सब्जियां बेचकर आजीविका चलाने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। सड़क बंद होने की स्थिति में स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों को कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है, जबकि किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
नावग, कावी, भोंट, करांड, बगोड़ा तथा आसपास के अन्य गांवों के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अवैध डंपिंग पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने दावा किया है कि अवैध डंपिंग से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें कथित रूप से डंपिंग में शामिल ट्रकों के नंबर और चालकों की पहचान तक स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। https://www.facebook.com/share/r/177fBeuQCf/
स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध डंपिंग में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में नियमित निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यावरण, सड़क और किसानों की भूमि को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।

Deepika Sharma

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