ख़ास ख़बर: शैक्षणिक रूप से कमजोर 25% विद्यार्थियों के लिए चलेगा विशेष सुधार कार्यक्रम
LEP 2.0 के तहत समग्र शिक्षा ने कराया 68 हजार स्कूली बच्चों का बेसलाइन असेसमेंट*

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*हिमाचल के 4,677 स्कूलों में छठी कक्षा के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का किया आकलन*
*शिमला*
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में समग्र शिक्षा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। समग्र शिक्षा की ओर से लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम (LEP) 2.0 के तहत प्रदेश में छठी कक्षा के विद्यार्थियों का बेसलाइन असेसमेंट किया गया, जिसमें 4,677 सरकारी मिडल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 68 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसके तहत छठी कक्षा के विद्यार्थियों का विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और हिंदी विषयों में सीखने के स्तर का आकलन किया गया।
इस असेसमेंट का उद्देश्य विद्यार्थियों के वर्तमान अधिगम स्तर को समझना तथा उनकी सीखने संबंधी कमियों (Learning Outcome Gaps) की पहचान करना है, ताकि स्कूलों और शिक्षकों को विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप अकादमिक सहायता उपलब्ध करवाने में मदद मिल सके।
*अकादमिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष रिमेडियल सपोर्ट*
इस असेसमेंट के आधार पर चिन्हित होने वाले सबसे कमजोर 25 प्रतिशत विद्यार्थियों के लिए समग्र शिक्षा विशेष रिमेडियल सपोर्ट कार्यक्रम चलाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कमियों को दूर करने के लिए विशेष शैक्षणिक सहायता एवं सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक स्तर में प्रभावी सुधार सुनिश्चित किया जा सके। रिमेडियल कार्यक्रम पूरा होने के बाद विद्यार्थियों की प्रगति और उनके सीखने के स्तर में हुए सुधार का आकलन करने के लिए एंडलाइन असेसमेंट भी होगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि विशेष सुधारात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में कितना सुधार हुआ है।
*OMR आधारित तकनीक से कराया मूल्यांकन*
लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम के इस बेसलाइन असेसमेंट की विशेषता यह रही कि इसे OMR आधारित उत्तर पुस्तिकाओं के माध्यम से कराया गया, जिससे पूरे प्रदेश में एक समान, पारदर्शी और प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित हो सका। इन OMR शीट्स को विदया समीक्षा केंद्र के SwiftChat एप्लीकेशन के माध्यम से स्कैन कर परिणाम तैयार किए जा रहे हैं, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक तेज, सरल और तकनीक आधारित बन रही है।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि LEP 2.0 के तहत कराया गया यह बेसलाइन असेसमेंट स्कूली बच्चों के वास्तविक सीखने के स्तर को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि असेसमेंट के आधार पर कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता में प्रभावी सुधार सुनिश्चित किया जा सके।



