संस्कृति

राज्यपाल ने हिमाचल की समृद्ध बोलियों के संरक्षण पर दिया बल

WhatsApp Image 2026-09-18 at 12.00.19 PM

राज्यपाल से वरिष्ठ लेखक डॉ. ओ.पी. शर्मा ने की भेंट

ashb advt_page-0001
No Slide Found In Slider.

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज हिमाचल की समृद्ध बोलियों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न स्थानीय बोलियां यहां की पहचान, परंपराओं और लोगों की सामूहिक संस्कृति को प्रदर्शित करती है। इन बोलियों को साहित्यिक और लिखित माध्यम से संरक्षित किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी रहें।
राज्यपाल को आज लोक भवन में वरिष्ठ लेखक डॉ. ओ.पी. शर्मा ने अपनी कविता संग्रह ‘म्हारी सोच’ भेंट की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल अपने अलौकिक प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ लोक परंपराओं, भाषाओं और सांस्कृतिक विविधता के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि कांगड़ी, मंडयाली, कुल्लवी, सिरमौरी, किन्नौरी आदि बोलियां प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान हैं और इन्हें साहित्य, शोध तथा शैक्षणिक दस्तावेजों के माध्यम से बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाषाएं और बोलियां किसी भी समाज की आत्मा होती हैं। हमारी क्षेत्रीय बोलियों को लिखित रूप में सुरक्षित रखना हमारी सांस्कृतिक जड़ों को बचाने और युवाओं तक अपनी समृद्ध विरासत पहुंचाने के लिए आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि साहित्यिक कृतियां सामाजिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने लेखकों और कवियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय परंपराओं और भाषाओं को बढ़ावा देने में साहित्यकार उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने डॉ. ओ.पी. शर्मा द्वारा हिमाचली साहित्य के प्रचार-प्रसार में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और भविष्य की साहित्यिक रचनाओं के लिए शुभकामनाएं दीं।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close