सम्पादकीय

राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना की समीक्षा बैठक

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शिमला : अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में योजना के तहत अब तक प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत परियोजनाओं तथा वितरित ऋण की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि आज की बैठक में योजना के तहत 02 पात्र आवेदनों को अनुमोदन दिया गया है। यह दोनों मामले ई-टैक्सी से सम्बंधित है। इस वित्त वर्ष में अब तक जिला शिमला में योजना के तहत 13 लोगों ने आवेदन किया है जिसमे से 11 लोगों ने पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि अन्य मामलों में सारी औचारिकताये पूर्ण होने पर अगली बैठक में अनुमोदन प्रदान किया जाएगा ताकि जिला के पात्र लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध हो सके।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ दिलाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए।

बैठक में रोजगार अधिकारी देवेंद्र कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र कुलवंत राय, अग्रणी जिला प्रबंधक संजय कँवर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

क्या है योजना

हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार योजना 2023 को शुरू किया है। इस योजना का लक्ष्य विशेष रूप से हरित क्षेत्र से संबंधित नई परियोजनाओं को प्रोत्साहन प्रदान करना है। राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत युवाओं को ई-बस, इलेक्ट्रिक टैक्सी व इलेक्ट्रिकल ट्रक खरीदने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अलावा दंत क्लीनिक, एक मेगावाट तक वाणिज्यिक सौर ऊर्जा परियोजना और मत्स्य पालन की परियोजना के लिए भी युवाओं को प्रोत्साहन हेतु सुविधा प्रदान की जाएगी।

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योजना का उद्देश्य

योजना का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर तथा आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। साथ ही हिमाचल प्रदेश को देश का पहला हरित ऊर्जा राज्य बनाना है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना से प्रदेश के युवाओं को नया उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन व सहायता दी जाएगी जिससे बेरोजगारी को खत्म करने में सहायता मिलेगी। योजना के अन्तर्गत बैंक परियोजना लागत का 90 प्रतिशत सावधि या समग्र ऋण के रूप में प्रदान करेंगे, जबकि 10 प्रतिशत व्यय लाभार्थी द्वारा वहन किया जाएगा।

विशेषताएं

योजना के तहत युवाओं को ई-बस, इलेक्ट्रिक टैक्सी व इलेक्ट्रिकल ट्रक खरीदने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा 1 मेगावाट तक वाणिज्यिक सौर ऊर्जा परियोजना, दंत क्लीनिक स्थापित करने के लिए और मत्स्य पालन की परियोजना के लिए भी युवाओं को प्रोत्साहन हेतु सुविधा प्रदान की जाएगी। सरकार द्वारा इस योजना के तहत पात्र आवेदकों को प्लांट और मशीनरी या उपकरण के लिए अधिकतम 60 लाख के निवेश पर 25 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए निवेश सब्सिडी की सीमा 30 प्रतिशत है जबकि महिलाओं और दिव्यांग लाभार्थियों के लिए यह सीमा 35 प्रतिशत निर्धारित की गई है। ई-टैक्सी, ई-ट्रक, ई-बस और ई-टेंपो खरीदने वाले सभी श्रेणी के लिए निवेशकों के लिए सब्सिडी की सीमा 50 प्रतिशत निर्धारित है।

पात्रता

इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी हिमाचल का निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच की हो। महिला आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की गई है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत लाभ लेने के लिए व्यक्ति कम से कम 10वीं पास होना चाहिए।

Deepika Sharma

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