Jaypee University of Information Technology में डॉ. प्रियंका प्रियदर्शिनी का स्वागत, उद्योग–अकादमिक सहयोग पर जोर

जैव प्रौद्योगिकी एवं जैव सूचना विज्ञान विभाग, Jaypee University of Information Technology को 8 मई 2026 को Panacea Biotec Ltd. की हेड, आर एंड डी – बायोलॉजिकल्स, डॉ. प्रियंका प्रियदर्शिनी के स्वागतका सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनका गर्मजोशी से स्वागत प्रो. अनिल कांत ठाकुर, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, डीबीटी, पीजी टीचिंग एवं प्रो. जटा शंकर, विभागाध्यक्षद्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा, प्रो. सुधीरस्याल, डीन (आर एंड आई), प्रो. तीर्थ राज सिंह, एसोसिएट डीन (इनोवेशन), विभागीय संकाय सदस्य, छात्र एवं तकनीकी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. प्रियंका ने JUIT GAT-B मॉक टेस्ट – 2026 केविजेताओं के लिए आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में भी भाग लिया।इस मॉक टेस्ट में 12 विभिन्न महाविद्यालयों के 384 विद्यार्थियों ने भागलिया। जैव प्रौद्योगिकी एवं जैव सूचना विज्ञान विभाग के संकाय सदस्यों नेहिमाचल प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों का दौरा कर मॉक टेस्ट आयोजितकिया, जिससे विद्यार्थियों को भारत सरकार द्वारा आयोजित GAT-B परीक्षाकी तैयारी में अत्यंत लाभ मिला। पुरस्कार वितरण समारोह 8 मई 2026 कोJaypee University of Information Technology में माननीय कुलपतिकी अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
इस यात्रा का उद्देश्य अकादमिक एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग को सुदृढ़करना, शोध सहयोग को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकीक्षेत्र में वर्तमान औद्योगिक प्रक्रियाओं एवं प्लेसमेंट अवसरों से अवगत करानाथा। यूजी, पीजी एवं पीएचडी विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान डॉ. प्रियंका ने वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में उद्योग की अपेक्षाओं एवंप्लेसमेंट परिदृश्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने एकज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया, जिसमें जैव प्रौद्योगिकी एवं संबद्ध क्षेत्रों में सफलकरियर हेतु आवश्यक तकनीकी कौशल, व्यावसायिक दक्षताओं एवं शोधअभिरुचि पर प्रकाश डाला।
शैक्षणिक गतिविधि के अंतर्गत डॉ. प्रियंका ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों कीवाइवा–वोचे परीक्षा भी आयोजित की तथा विभाग में किए जा रहे शोध कार्योंकी गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने विभिन्न शोध प्रयोगशालाओं का भ्रमणकिया तथा संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों के साथ चल रही शैक्षणिक एवंअनुसंधान परियोजनाओं पर चर्चा की।
विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के साथ भविष्य में शैक्षणिक एवं औद्योगिकसहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हेतु एक संवादात्मक सत्र भी आयोजितकिया गया। यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं लाभकारीसिद्ध हुआ, जिसमें उन्हें व्यावहारिक मार्गदर्शन, प्रेरणा तथा जैव प्रौद्योगिकीक्षेत्र में करियर अवसरों की बेहतर समझ प्राप्त हुई।
यह यात्रा सकारात्मक एवं उत्साहवर्धक वातावरण में संपन्न हुई तथा शोध, नवाचार एवं छात्र विकास को आगे बढ़ाने में अकादमिक–औद्योगिकसाझेदारी के महत्व को पुनः सुदृढ़ किया।



