डमी एडमिशन प्रकरण : कमेटी बनी, समय बीता… रिपोर्ट अब तक नहीं—क्यों?
दस दिन में सौंपने के दिए थे निर्देश , पच्चास दिन हो गए

जिला शिमला के एक निजी स्कूल में कक्षा 11वीं के प्रवेश और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले ने तूल पकड़ लिया है। Asar News में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड हरकत में आ गया था। बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने पुष्टि की थी कि जांच के आदेश दिए गए थे, और तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, ताकि प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा आयोजन, मूल्यांकन और अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच की जा सके।
लेकिन अब यह हैरानी की बात है कि 50 दिन से ज्यादा बीत जाने के बावजूद रिपोर्ट अब तक तैयार नहीं हो पाई है। सचिव का कहना है कि उन्हें रिपोर्ट अभी नहीं मिली है जल्द रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है
बहरहाल कथित आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा जाँच रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही लगना था लेकिन
यह देरी गंभीर सवाल खड़े कर रही है कि आखिर संबंधित अधिकारी समय पर रिपोर्ट क्यों नहीं बना पाए। यदि जांच इतनी धीमी चलती रही, तो किसी भी अनियमितता पर उचित कार्रवाई कैसे संभव होगी?
शिकायतकर्ताओं ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि स्कूल ने बोर्ड के नियमों का उल्लंघन करते हुए डमी प्रवेश दिया और समय से पहले परीक्षाएं आयोजित कीं। इसके अलावा, आरोप था कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया गया, जिससे बोर्ड की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ गए थे।
अब, इस देरी ने शिक्षा विभाग और बोर्ड प्रशासन दोनों की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोर्ड सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने कहा है कि यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ बोर्ड नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता रद्द करने तक के कदम शामिल हैं। उच्च अधिकारियों को भी शिकायत की प्रति भेजी गई थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी

क्या cctv रिपोर्ट भी लगाई गई है ?
सवाल ये खड़े हुए हैं की क्या जाँच कमेटी ने सीसीटीवी की रिपोर्ट शामिल की गई है या नहीं ?या किस तरह से दस्तावेजों को खंगाला गया है क्योंकि 10 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपी जानी थी लेकिन अभी तक रिपोर्ट बोर्ड के सचिव तक नहीं पहुँची है

