विविध

3150 मीटर लम्बी हवाई पट्टी की सम्भावना तलाश करने पर सहमति बनी

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने मण्डी में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए संशोधित मास्टर प्लान प्रस्तुत कियाः मुख्यमंत्री

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

 

 

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने मण्डी में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का आवश्यक भूमि सहित संशोधित मास्टर प्लान प्रस्तुत किया है ताकि इसकी हवाई पट्टी (रनवे) के अभिविन्यास (ओरियंटेशन) का निर्धारण और परामर्शकर्ता द्वारा ओएलएस चार्ट तैयार किया जा सके। वह आज यहां मण्डी हवाई अड्डा विकास से सम्बन्धित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सुझावों के अनुसार रनवे का संरेखण (अलाइन्मेंट) तय करने के लिए वैपकोस लिमिटिड द्वारा लेडार (लाइट डिटैक्शन एण्ड रेंजिंग) सर्वेक्षण पूर्ण कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण इसी वर्ष 21 जुलाई को पूरा हुआ था और वैपकोस लिमिटिड/मै. जियोकनो इण्डिया प्राइवेट लिमिटिड ने भारतीय विमानन प्राधिकरण को लेडार सर्वेक्षण का डाटा प्रस्तुत कर दिया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय द्वारा पूर्व में दी गई साइट क्लीयरेंस तथा जमा करवाए गए मास्टर प्लान के अनुसार यहां 2100 मीटर रनवे के निर्माण तथा दक्षिण भाग में इसके 1050 मीटर सम्भावित विस्तार के साथ योजना तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि हवाई लेडार सर्वेक्षण और केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री के साथ आयोजित बैठक के बाद यहां 3150 मीटर लम्बी हवाई पट्टी की सम्भावना तलाश करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि इस आधार पर विश्लेषण के उपरान्त हवाई पट्टी की लम्बाई दक्षिण भाग के बजाय उत्तरी भाग में 1050 मीटर करने पर कार्य किया गया।

No Slide Found In Slider.

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि हवाई पट्टी की दिशा में प्रमुख बदलाव के उपरान्त अब यह एबी-320 प्रकार के हवाई जहाजों के संचालन के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस हवाई अड्डे से वर्ष भर विमानों का संचालन सम्भव होगा और कैट-आई लाइटिंग सिस्टम से रात्रि के समय भी विमानों का संचालन किया जा सकेगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वकांक्षी परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच एक संयुक्त उपक्रम कम्पनी बनाने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश में न केवल बेहतर हवाई सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा देगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस परियोजना के वित्तपोषण के लिए मामला केन्द्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि 15वें वित्तायोग ने इस बड़ी परियोजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की सिफारिश की है।

 

बैठक में मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव सुभाशीष पांडा और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक अमित कश्यप के अतिरिक्त वर्चुअल माध्यम से उपायुक्त मण्डी अरिन्दम चैधरी और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

 

 

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close