APG शिमला विश्वविद्यालय में ‘सनराइज-2026’ ओरिएंटेशन, AI और डेटा साइंस पर जोर

सीटीपीएल नेक्स्टजेन अकादमी ने एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में सीटीपीएल नेक्स्टजेन ने छात्रों के लिए दो दिवसीय ट्रांसफॉर्मेटिव करियर डेवलपमेंट ओरिएंटेशन कार्यक्रम का किया आयोजन
विकसित यूरोपियन देशों के रोजगार बाजार से सीखें छात्र और अपनी रोजगार क्षमता के लिए अपनी स्किल्स बढ़ाएं: डॉ. विश्व प्रताप सिंह
एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में सीटीपीएल नेक्स्टजेन अकादमी और एमबीए विभाग की ओर से विभागाध्यक्ष डॉ. रितिका ठाकुर और कंप्यूटर साइंस विभाग की ओर से वीरवार को दो दिवसीय ओरिएंटेशन सनराइज -2026 द डॉन ऑफ योर नेक्स्ट जर्नी पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के विशेष रूप से एपीजी नेक्स्टजेन यानि एमबीए, कंप्यूटर के छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा छात्रों को उनके करियर विकास के लिए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, डेटा साइंस, क्लाउड कम्प्यूटिंग, मैनेजमेंट जैसे आवश्यक कौशल से लैस करना और इंडस्ट्री की बढ़ती मांग के लिए जॉब सृजन करना रहा। कार्यक्रम का आगाज सरस्वती वंदना और दीपप्रज्वलन से किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में सीटीपीएल नेक्स्टजेन अकादमी से पधारे विशेष अतिथियों व विषय विशेषज्ञों का एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. आर.एल. शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ. आनंदमोहन शर्मा, एसोसिएट डीन एकेडमिक्स डॉ. ज्योत्सना शर्मा, परीक्षा नियंत्रक अफजल खान और विभागाध्यक्ष डॉ. रितिका ठाकुर ने पुष्पगुच्छ, हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर स्वागत किया। विषय विशेषज्ञों डॉ. विश्व प्रताप सिंह, डॉ. बिल्ला कुरथी सुरेश कुमार, डॉ. संजय शर्मा और एमबीए विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रितिका ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नब्बे प्रतिशत नौकरियों के लिए तकनीकी और डिजिटल कौशल होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोजगार की कमी नहीं बल्कि स्किल्स की कमी है। डेटा विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और निर्माण क्षेत्र में विशेष स्किल्स की भारी मांग है। सफलता के लिए पायथन, क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म, भाषा दक्षता और मजबूत संचार कौशल जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफल होना है तो बदलते दौर में तकनीकी स्किल्स के अलावा सॉफ्ट स्किल्स यानी अच्छी संचार क्षमता, समस्या-समाधान, नेतृत्व स्किल्स और समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण हैं। डॉ. विश्व प्रताप सिंह और डॉ. बिल्ला कुरथी सुरेश कुमार ने बताया कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के आने से अब सब कुछ आसान होने लगा है लेकिन इस क्षेत्र में अभी और प्रगति हो रही। उन्होंने कहा कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस हर जगह काम और जॉब की भूमिका बदल रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस भले ही जॉब को आसान कर रहा है और नई जॉब्स को भी बढ़ा रहा है , लेकिन उन नई जॉब्स को वही प्राप्त कर सकेगा जो तकनीकी स्किल्स के साथ साथ नवाचारों और आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस तकनीक का हुनर भी सीखा हो। उन्होंने कहा कि व्यवहारिक शिक्षा और ज्ञान तभी जीवन में काम आएगा जब हमारे शिक्षण संस्थान क्लासरूम पढ़ाई के अलावा इंडस्ट्री प्रैक्टिस, स्किल प्रैक्टिकल और वास्तविक अनुभव से विद्यार्थियों को रोजगार सृजन के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि यूरोपियन देश इस व्यवहारिक और व्यावहारिक ज्ञान और नवाचारों को अपनाते हैं और जॉब सृजन कर दूसरों के लिए भी रोजगार मुहैया करवा रहे हैं जिससे मानव समुदाय, समाज और राष्ट्र की भी सेवा होती है और एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है।
सिटीपीएल नेक्स्टजेन एकेडमी की ओर से डॉ. विश्व प्रताप सिंह, डॉ. बिल्ला कुरथी सुरेश कुमार और एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में सीटीपीएल प्रोजेक्ट हेड डॉ. संजय ने बताया कि सीटीपीएल नेक्स्टजन इस तरह की सार्थक कार्यशालाओं और कार्यक्रमों के आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है। उनका लक्ष्य एक ऐसा पढ़ने-लिखने व सीखने-सिखाने वाला शैक्षणिक वातावरण बनाना है, जहाँ छात्र आगे बढ़ सकें, हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें और आत्मविश्वास के साथ अपने करियर को आकार दे सकें और एपीजी शिमला विश्वविद्यालय पढ़ने वाले छात्रों के लिए जॉब प्लेसमेंट के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के पहले दिन सीटीपीएल नेक्स्टजन की ओर से प्रतिभागी विद्यार्थियों को नेक्स्टजन की टीशर्ट और बैग भी उपहार के रूप में प्रदान किए। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने विषय विशेषज्ञों से आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और जॉब प्लेसमेंट से जुड़ी भ्रांतियों बारे प्रश्न पूछकर संवाद किया और उनकी इन भ्रांतियों व शंकाओं को विशेषज्ञों ने दूर किया गया। वहीं सीटीपीएल नेक्स्टजन के प्रोजेक्ट हेड डॉ. संजय शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी विषय विशेषज्ञों, अतिथियों, प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन व प्रबंधन का इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद किया।
इस कार्यक्रम के दौरान एमबीए विभाग और कंप्यूटर साइंस विभाग के प्राध्यापक योगेश बन्याल, प्रीतिका तोमर, महादवी शर्मा, वंशिका ठाकुर, भुवनेश कुमार, अलका पठानीया, रक्षा देवी, नेक्स्टजेन के क्षेत्रीय प्रबंधक आयुष गुप्ता, शुभम चौहान, अजय कुमार, मोहित कल्याण और अतुल शुक्ला और चंद्र प्रकाश शर्मा उपस्थित रहे।



