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Asar EXCLUSIVE : अब एक ही दरवाज़े से सभी हेल्थ लाइसेंस मिलने की तैयारी

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी लाइसेंस प्रक्रियाओं के लिए सिंगल नोडल एजेंसी बनाने का प्रस्ताव

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शिमला। प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विभिन्न लाइसेंस और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होने की सूचना है 

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स्वास्थ्य संबंधी लाइसेंस के लिए सिंगल नोडल एजेंसी नियुक्त करने” के प्रस्ताव पर मंथन किया जा रहा है । जिसमे संबंधित  मुख्य विभागों के साथ बैठक आयोजित होकर विचार विमर्श किया जा रहा है 

जानकारी के मुताबिक चिकित्सकों के पंजीकरण और एनओसी का विषय राज्य चिकित्सा परिषद (State Medical Council) से संबंधित है। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न लाइसेंसों के लिए अलग-अलग पोर्टल और प्राधिकरण कार्यरत हैं, जिन्हें एकीकृत करने की आवश्यकता जताई गई है। जिस पर विचार विमर्श किया जा रहा है 

ग़ौर करें तो

  • क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट पंजीकरण – केंद्र सरकार के पोर्टल के माध्यम से

  • फार्मेसी (रिटेल) लाइसेंस – HPSEDC शिमला द्वारा विकसित पोर्टल

  • पीसी एंड पीएनडीटी (अल्ट्रासाउंड) लाइसेंस – केंद्र सरकार पोर्टल

  • रेडिएशन उपकरण लाइसेंस – केंद्र सरकार के पोर्टल के माध्यम से

  • मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) पंजीकरण – केंद्र सरकार पोर्टल

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  • बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन प्राधिकरण – निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, हिमाचल प्रदेश, शिमला

  • ब्लड बैंक लाइसेंस एवं नारकोटिक्स लाइसेंस – संबंधित कार्यालय से पृथक

  • मानव अंग प्रत्यारोपण पंजीकरण – निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, हिमाचल प्रदेश

हालांकि अभी इस नए प्रस्ताव पर विचार विमर्श चल रहा है लेकिन उम्मीद है कि इस विषय पर जल्द ही कुछ नया निकल कर आएगा और इस प्रस्ताव को जल्द अमलीजामा पहनाया जा सकता है

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लाइसेंस और पंजीकरण की बहुस्तरीय प्रक्रिया के कारण आवेदकों को कई विभागों और पोर्टलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यदि एक सिंगल नोडल एजेंसी गठित की जाती है तो—

  • प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी

  • आवेदकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सुविधा मिलेगी

  • विभागीय समन्वय बेहतर होगा

सरकार द्वारा इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता में सुधार हो सके।

Deepika Sharma

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